जारे शरण प्रभु की जा, रे मनवा
आनन्द रस सुख पा रे पा रे
जारे शरण…
सच्चिदानन्द की अद्भुत महिमा
कण कण का आधार
जारे शरण…
देख हृदय में प्रभु की प्रतिमा
मन दर्पण चमका
जारे शरण…
पी के सरस वेदों का अमृत
मुक्तिधाम को पारे पारे
जारे शरण…
तेरे मिलन के सपन सजाए
करो प्रभुजी साकार जारे शरण…
जारे शरण…
तारो प्रभुजी जीवन नैया
डोल रही मँझधार
जारे शरण…
दरस ना पाया बीती उमरिया
दरस ना पाया बीती उमरिया
आओ मन के द्वारेद्वारे जारे शरण…
जारे शरण…
तर्ज: जा रे बदरा बैरी जा










