ईश्वर जो कुछ करता है, अच्छा ही करता है।

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चेतावनी

ईश्वर जो कुछ करता है,
अच्छा ही करता है।
मानव तू परिवर्तन से,
काहे को डरता है।

जब से दुनिया बनी है,
तब से रोज बदलती है
जो शै आज यहां है,
कल वो आगे चलती है।
देख के अदला-बदली,
तू आहें क्यों भरता है
मानव तू परिवर्तन से …….(1)

दुःख सुख आते जाते रहते,
सबके जीवन में,
पतझड़ और बहारें,
दोनों जैसे गुलशन में,
चढ़ता है तूफान कभी
और कभी उतरता है
मानव तू परिवर्तन से ……….(2)

कितनी लम्बी रात हो,
फिर भी दिन तो आयेगा,
जल में कमल खिलेगा,
फिर से वो मुस्करायेगा देता है
जो कष्ट वही कष्टों को हरता है।
मानव तू परिवर्तन से……………. (3)

वह ही दाना फलता है
जो मिट्टी में मिल जाये,
सहे मानव जो कांटे
वो ही मंजिल अपनी पाये,
भट्टी में पड़कर सोने का रंग निखरता है।
मानव तू परिवर्तन से……………(4)

ईश्वर जो कुछ करता है,
अच्छा ही करता है।
मानव तू परिवर्तन से,
काहे को डरता है।