इस नरतन चोले को पाकर

0
24

इस नरतन चोले को पाकर

इस नरतन चोले को पाकर
जीवन बर्बाद न कर,
प्रभु से ड मनरूपी मंदिर के
अन्दर दर्गण आबाद न कर,
प्रभु से डर।

परमपिता से प्यार कर,
शुद्ध आचार विचार कर।
इन्द्रियों को वश में करके,
मन अपने को मारकर ।
जप ओम् नाम तू सुबह-शाम,
इसमें प्रमाद न कर।।
प्रभु से डर…

जैसा कर्म कमायेगा,
वैसा ही फल पायेगा।
खिला जो फूल जवानी
का है इक दिन वो मुरझायेगा।
तू दुष्टजनों से दूर ही रह
उनकी इमदाद न कर।।
प्रभु से डर…

बिल्डिंग आलीशान बना,
फर्नीचर से खूब सजा।
बिजली के पंखे फिट करके
रेडियो बढ़िया-सा मंगवा।
पर अपने सुख के लिए किसी
का घर बर्बाद न कर।।
प्रभु से डर…

यदिं है नौकर सरकारी,
भूमिपति या व्यापारी।
मास्टर, डाक्टर, बैरिस्टर
है या नेता खद्दरधारी।
दुनियां में आ करके बन्दे
कोई अपराध न कर।।
प्रभु से डर…

सेवा अपना लक्ष्य बना,
दीन-दुःखी के कष्ट मिटा।
हीरा जन्म अमोलक है यह,
मिट्टी में न इसे मिला।
मन को संभाल तू नन्दलाल,
इसको आजाद न कर।।
प्रभु से डर…

इस नरतन चोले को पाकर,
जीवन बर्बाद न कर।। प्रभु से डर..