इंसाफ का मंदिर है ये, भगवान का घर है

0
67

आस्था

इंसाफ का मंदिर है ये, भगवान का घर है,
कहना है जो कहले, तुझे किस बात का डर है।
इंसाफ का मंदिर है ये भगवान का ……..

है पास तेरे जिसकी, अमानत उसे दे दे
निर्धन भी है इंसान, मुहब्बत उसे दे दे,
जिस दर पे सभी एक हैं, बन्दे यह वह दर है,
इंसाफ का मंदिर है ये भगवान का ……..

मायूस ना हो हार के, तकदीर की बाजी,
प्यारा है वह गम, जिसमें भगवान भी हो राजी,
दुख-दर्द मिले, दुख-दर्द मिले, जिसमें वह प्यार अमर है,
यह सोच ले हर बात की, दाता को खबर है,

इंसाफ का मंदिर है ये भगवान का घर है
कहना है जो कहले, तुझे किस बात का डर है।