हो जायें बन्द आँखें प्रभु ध्यान करते करते

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हो जायें बन्द आँखें प्रभु ध्यान करते करते

ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
अमृत बहाये वाणी
गुण गान करते करते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्

अपना मैं आप खो दूँ
तन की भी सुध रहे ना
हृदय रिझायें प्रभु को
मधु पान करते करते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्

सत्य भाव की तरंगे
अन्तराल से निकले
हो जायें मौन मन भी
तेरा मान करते करते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्

चित्त में रहे स्मृति
प्रभु नाम की रटन हो
हर्षाये मेरा अङ्ग अङ्ग
नव ज्ञान भरते भरते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्

दिव्य ज्योति हो निराली
ब्रह्म घाम हो घर मेरा
जब जायें प्राण तन से
प्रभु नाम रटते रटते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते
अमृत बहाये वाणी
गुण गान करते करते

हो जायें बन्द आँखें
प्रभु ध्यान करते करते