- शहीद धर्मवीर और प्रियदर्शन
बटाला और कानपुर के श्री धर्मवीर तथा प्रियदर्शन ने अम्बाला में हिंदी की रक्षा हेतु वीरगति प्राप्त की।
- स्वामी ईशानन्द संन्यासी
संगरूर के पास हुए हमले में आर्य संन्यासी स्वामी ईशानन्द शहीद हुए।
- अज्ञात संन्यासी शहीद
उसी घटना में एक अन्य आर्य संन्यासी भी शहीद हो गए, जिनका नाम ज्ञात नहीं हो सका।
- ग्राम सिलानी का शहीद
ग्राम सिलानी (तहसील झज्जर, जिला रोहतक) का एक युवक जेल से छूटने के बाद शहीद हो गया।
- बिहार के तारिणी प्रसाद सिंह
बिहार के कर्मठ कार्यकर्ता तारिणी प्रसाद सिंह हिंदी आंदोलन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। पटना से चंडीगढ़ जाते समय मार्ग में ही रोगग्रस्त होकर शहीद हो गए।










