हिंदी आंदोलन के पाँच शहीद

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  1. शहीद धर्मवीर और प्रियदर्शन

बटाला और कानपुर के श्री धर्मवीर तथा प्रियदर्शन ने अम्बाला में हिंदी की रक्षा हेतु वीरगति प्राप्त की।


  1. स्वामी ईशानन्द संन्यासी

संगरूर के पास हुए हमले में आर्य संन्यासी स्वामी ईशानन्द शहीद हुए।


  1. अज्ञात संन्यासी शहीद

उसी घटना में एक अन्य आर्य संन्यासी भी शहीद हो गए, जिनका नाम ज्ञात नहीं हो सका।


  1. ग्राम सिलानी का शहीद

ग्राम सिलानी (तहसील झज्जर, जिला रोहतक) का एक युवक जेल से छूटने के बाद शहीद हो गया।


  1. बिहार के तारिणी प्रसाद सिंह

बिहार के कर्मठ कार्यकर्ता तारिणी प्रसाद सिंह हिंदी आंदोलन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय थे। पटना से चंडीगढ़ जाते समय मार्ग में ही रोगग्रस्त होकर शहीद हो गए।