हे वाचस्पति हे वागेश्वर
हे वाचस्पति हे वागेश्वर,
हे प्राणों के प्राण,
प्रभु जी दो हमको वरदान
वाक हमारा हो ओजस्वी
नेत्र हमारे हों तेजस्वी
श्रवण करें शुभ श्रोत्र हमारे
स्वस्थ प्राण हो प्राण तपस्वी
बाहुओं में श्रम शक्ति यश दो
मस्तिष्क में सज्ञान प्रभु जी दो…।।1।।
नाभि केन्द्र निरोग्य रहे नित्य
हृदय स्नेह श्रद्धा से पूरित
रोग मुक्त हो कंठ माधुरी
कर करतल करपृष्ठे परहित
करुणा सिन्धु कर दो
हम पर करूणा निधान प्रभु जी दो…।।2।।
उमंग भरी शुभ शान्ति विराजे
सुख सम्पदा चहुदिश साजे
भरो भव्य भक्ति जीवन में
प्रमुदित हो मन मंगल गाजे
दसों दिशायें सुख वरषायें हम पर
हे भगवान प्रभु जी दो…।।3।।
हे ज्योतिर्मय विश्व विधाता
दुर्गुण दूरित दूर कर भ्राता
चलै सदा कल्याण मार्ग पर
ऐसी शक्ति दे दो दाता
जब तक जीवन स्वस्थ रहे तन
कर प्रेमी परित्राण प्रभु जी दो…।।4।।










