हम को शक्ति दो
(तर्ज-टुट्टे दिल नहीं जुड़दे वेखीं तोड़ीं ना)
हे दुनियाँ के दाता हम को शक्ति दो।
जगत् पिता जग माता हम को शक्ति दो।
१. तूने ही यह सारा खेल रचाया है।
जड़ चेतन के अन्दर आप समाया है।
सृष्टि के निर्माता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता…
२. सत्य वचन से युक्त हमारी वाणी हो।
पर हित पर उपकारमयी कल्याणी हो।
भव सागर के त्राता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता…
३. निर्मल और पवित्र हमारी दृष्टि हो।
मुँह के शब्द सदा फूलों की वृष्टि हो।
सब के भाग्य विधाता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता……
४. ‘मन में शिव संकल्प सभी ने धारे हों।
ज्ञान से रोशन अन्तःकरण हमारे हों।
त्रैलोकी के ज्ञाता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता…
५. हर जिह्वा पर केवल नाम तुम्हारा हो।
तेरे दर्शन पाना लक्ष्य हमारा हो।
रहे तुम्हीं से नाता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता……
६. हम संकट की घड़ियों में घबरावें न।
धर्म कर्म को छोड़ अधर्म कमावें न।
यही ‘पथिक’ मन भाता हम को शक्ति दो।
हे दुनियाँ के दाता…










