हे दयालो दयाकर दया कीजिए।
हे दयालो दयाकर दया कीजिए।
भक्ति में शक्ति का रूप ला दीजिए ॥
भय से भयभीत होकर मरे जा रहे ।
कर दो “निर्भय” हमें भय भगा दीजिए।।
मरना क्या है बदल लेना है देहका।
भाव सच्चा हदय में बिठा दीजिए ॥
इस धधकते हुए दिल हमारे में तुम।
जाति जीवन की ज्वाला जला दीजिए ॥
जुल्म और जालिमों को करें नष्ट हम।
बस लगन ऐसी कोई लगा दीजिए ॥
है विनय बस यही सिद्ध गोपाल की।
वीर गोपाल हमको बना दीजिए ॥










