हर विफलता पर न तुम आँसू बहाओ।

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हर विफलता पर न तुम आँसू बहाओ।

हर विफलता पर न
तुम आँसू बहाओ।
हर सफलता का यही
पहला चरण है ।। टेक ।।
हर सफलता…….

हर कदमपर ही तुम्हें,
यदि बूल मिलते,
तो उन्हे भी प्यार कर,
दिल से लगा लो।
यदि तुम्हारे स्वप्न भी,
वापस हुए हैं,
तो उन्हे चुपचाप पलकों,
में छिपा लो।

बाँध लो तुम नींद को,
भी मुट्ठियों में,
मौत सोना है कि,
जीवन जागरन है ।।१।। हर….

जो कभी चलता नहीं,
वह क्या गिरेगा,
जो कभी गिरता,
वही उठ उठ चलेगा।
जो कि हंस-हंस,
आँधियों से खेलता है,
वह प्रलय में भी,
दिवाकर सा जलेगा ।

इसलिये चलते चलो,
गिर-गिर संभल कर,
रास्ते में पाँव रुक,
जाना मरण है ।।१।। हर…….