Home आर्य समाज भजन हम किसके नाम का स्मरण करें?

हम किसके नाम का स्मरण करें?

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कस्य॑ नूनं क॑त॒मस्या॒मृता॑नं मनामहे चारुं देवस्य॒ नाम॑ ।

को नौ मुह्या अद॑ितये॒ पुन॑र्दात् पि॒ितर॑ च दृशेयं ममा॒तर॑ च

॥ ऋः १. २४.१

तर्जः मेले विन्निन मुत्ततारी-राग देस

तेरी लीला उत्तम न्यारी
जीवनदायी आनन्दकारी
आ के तुम हृदय में समाओ
जब हम तुमसे कहने जाएँ
इससे पहले हम समझाएँ
मन की बातें पहले जान जाओ
क्या माँगें तुमसे हे अग्ने !
माता-पिता हो परम स्नेही
प्रेम तुम्हारा हृदय में बसाओ॥
॥तेरी लीला ॥

चक्षु कर्ण, तेरी विद्या, जानने को हरदम तरसे
अग्निदेव चारु भगवान
अग्निदेव है सुखदायक, करता अदिति के लायक
चाहे दिलाता आनन्द धाम
माँ अदिति भी सुखदायक
और अग्निदेव भी पावक
दोनों को है नमन हमको दो वरदान
॥तेरी लीला ॥

या तो माँ की गोद में धरते, या हृदय में आनन्द भरते
अग्निदेव तुम ही हो महान
भक्त स्तुति प्रार्थना करते
उन्हें अदिति-गोद में धरते
करते हम माता को प्रणाम
तेरी वाणी है स्नेही
हे अग्निदेव विदेही
लेके तुम जाते हो भक्त को मोक्षधाम
॥तेरी लीला॥