एक राजा शिकार के दौरान रास्ता भटक गया और भूख-प्यास से परेशान होकर एक वनवासी की कुटिया में पहुँचा। वनवासी ने उसका सत्कार किया। राजा ने प्रसन्न होकर उसे अपने दरबार में बुलाया और उपहारस्वरूप चंदन के पेड़ों का एक बाग दे दिया।
लेकिन वनवासी को चंदन के मूल्य का ज्ञान नहीं था। उसने लकड़ी जलाकर कोयला बना लिया और बाजार में बेचने लगा। जब केवल एक पेड़ बचा था, तो बारिश के कारण वह उसे जला नहीं सका। मजबूरी में उसने लकड़ी ही बेच दी, जिसकी सुगंध पूरे बाजार में फैल गई और उसे बहुत ऊँचा मूल्य मिला। तब उसे अहसास हुआ कि उसने अज्ञानता के कारण एक बहुमूल्य वस्तु को व्यर्थ कर दिया।
सीख:
ज्ञान के बिना कार्य करने से हानि हो सकती है। किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी पूरी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।










