वैदिक परम्परा में ६४ वर्ष
संस्थापक स्वर्गतः स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती
सं श्रुतेन गमेमहि मा श्रुतेन विराधिषि । (अथर्व १/१/४)
(हे प्रभो ! हम वेदज्ञान के साथ जीवनयात्रा करें। वेदज्ञान से कदापि वञ्चित न होंवे ।)
“ऋषयः मन्त्रद्रष्टारः” मन्त्रदर्शन से ही मनुष्य ऋषि वन जाते है। (महामुनि यास्क)
श्रावणी पूर्णिमा विक्रम संवत् २०८१ (१९ अगस्त २०२४ सोमवार)
“स्वाध्याय प्रवचनाभ्यां नः प्रमदितव्यम्।” तैत्ति. १/११ स्वाध्याय और प्रवचन में प्रमाद न करें।
प्रिय सुहृद्वर्ग !
वेदप्रतिपादित अमृताशन विद्या का शाश्वत स्त्रोत में अवगाहन करके सांप्रतिक विषम स्थिति से मुक्त होना हम सब का परम लक्ष्य हो। आज रक्षाबन्धन पर्व के पवित्र अवसर में हम गुरूकुलवासी वेद रक्षा एवं वैदिक संस्कृति रक्षा के उदात्त संदेश लेकर आप के समीप उपस्थित हैं। श्रावणी के साथ नये यज्ञोपवीत के धारण और पुराने के छोड़ने की भी प्रथा जुड़ी हुई है। इस रक्षासूत्र यज्ञोपवीत का सस्नेह उपहार को सादर ग्रहण करके आप वैदिक संस्कृति की रक्षा व प्रसार के परम कर्त्तव्य संपादन में हमारे सहायक होंगे; यही विनीत निवेदन है।
शुभेच्छा के साथ । इत्यो ३म् शम् ।
श्रावण पूर्णिमा 2081 विक्रम संवत् दिनांक 19.08.2024 (सोमवार)
चिन्तन – आचार्य डॉः देवव्रत, मुख्याधिष्ठाता
प्रचार नियामक- श्री रामचन्द्र साहु, संपादक
भवदीय विनीत
आचार्य, पदाधिकारी व अन्तेवासीगण गुरूकुल वैदिक आश्रम, वेदव्यास
राउरकेला – ७६९००४

विशेष सूचना
युगप्रवर्त्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती का दृढ मन्तव्यः वेदों में समस्त मानवीय समस्याओं का समाधान है।
१) दिनांक 19.08.2024 सोमवार प्रातः ७ से ९ बजे तक गुरूकुलाश्रम में श्रावणी उपाकर्म यज्ञ, नूतन यज्ञोपवीत धारण एवं वेदप्रचार सप्ताह शुभारम्भ ।
परिचालना – आचार्य सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय
२) दि. 19.08.24 से दि. 26.08.24 तक गुरूकुल में प्रत्यह संध्या ६.३० से ७.३० बजे तक वैदिक विद्वानों के द्वारा वेद व्याख्यान व वैदिक भजनोपदेश। (संयोजक पं० सूर्यनाथ शास्त्री) ३) दि. 20.08.24 से दि. 25.08.24 तक आसपास ग्रामीण क्षेत्रो में वेद प्रचार।
कार्यालय : गुरुकुल वैदिक आश्रम, वेदव्यास, राउरकेला
संपर्कसूत्र : 9937107981, 7008717306, 9776410384
E-mail: gurukulvedicashram@gmail.com,
Website : www.gurukulvedicashram.org










