गायत्री यज्ञ एवं श्रीमद् वेद कथा: सिवान(बिहार)

0
58
Gaytri yagya evn srimad ved katha siwan,Bihar 2025

वैचारिक क्रांति: वेद ज्ञान प्रचारार्थ गायत्री यज्ञ एवं श्रीमद् वेद कथा

धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो, प्राणियों में सद्भाव हो।

आर्य समाज के तत्वावधान में वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं वेद ज्ञान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के पावन उद्देश्य से गायत्री यज्ञ एवं श्रीमद् वेद कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन वैदिक आदर्शों, यज्ञ संस्कृति एवं धार्मिक चेतना को जाग्रत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

आयोजन का स्थान एवं समय

स्थान: इन्द्रप्रस्थ विवाह भवन, कल्याणपुर बाजार, सिवान
तिथि: 28 मार्च से 31 मार्च 2025 तक

आप सभी महानुभाव एवं भक्तगण इस दिव्य आयोजन में सादर आमंत्रित हैं।

आह्वान: वेदों की ओर लौटो

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी ने जीवनभर वैदिक ज्ञान के प्रचार में अपना योगदान दिया। उन्होंने “वेदों की ओर लौटो” का संदेश देकर समाज को अज्ञान, अंधविश्वास एवं पाखंड से मुक्त करने का आह्वान किया। उनके इसी पावन संदेश को आगे बढ़ाते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” (ऋग्वेद) के आदर्श को साकार करना है।

मुख्य अतिथि एवं विद्वान आचार्यगण

इस आयोजन में प्रसिद्ध विद्वानों, आचार्यों एवं भजनोपदेशकों का सान्निध्य प्राप्त होगा:

  • आचार्य सदानन्द शास्त्री (यज्ञाचार्य एवं वैदिक प्रवक्ता, सीतामढ़ी, बिहार)
  • पं. श्यामानन्दन शास्त्री (भजनोपदेशक, समस्तीपुर)
  • श्रीमती नयनश्री प्रज्ञा (देवरिया, उत्तर प्रदेश)

कार्यक्रम विवरण

28 मार्च 2025

  • प्रातः 5:30 से 6:30 बजे – देव यज्ञ
  • प्रातः 7:00 बजे – कलश यात्रा
  • दोपहर 12:00 से 2:00 बजे – भोजन एवं विश्राम
  • अपराह्न 2:30 से 5:30 बजे – भजन एवं प्रवचन
  • रात्रि 7:00 से 11:00 बजे – भजन एवं प्रवचन

29 मार्च से 31 मार्च 2025

  • प्रातः 7:00 से 11:00 बजे – पंचमहायज्ञ, भजन एवं प्रवचन
  • अपराह्न 2:30 से 5:30 बजे – भजन, प्रवचन एवं धर्म चर्चा (सत्संग)
  • रात्रि 7:00 से 11:00 बजे – भजनोपदेश एवं प्रवचन

कार्यक्रम का उद्देश्य

  1. वेद ज्ञान का प्रचार-प्रसार – समाज को वैदिक संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रेरित करना।
  2. यज्ञ परंपरा का पुनर्जागरण – पंचमहायज्ञ एवं देव यज्ञ द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना।
  3. धार्मिक व नैतिक उत्थान – भजन, प्रवचन एवं सत्संग के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना।
  4. वैचारिक क्रांति का संचार – आर्य समाज के सिद्धांतों को अपनाकर जीवन को श्रेष्ठ बनाना।

सम्पर्क सूत्र

अधिक जानकारी के लिए कृपया नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
📞 9771759618, 9631864220

सभी सम्मानित श्रद्धालुजन सादर आमंत्रित

“संश्रृतेन गेममही, मां श्रुति विराधरी” (सामवेद)

आइए, इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लें और वेदों की अमृतवाणी से आत्मा का कल्याण करें। विश्व को आर्य बनाने की दिशा में एक कदम बढ़ाएं!

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👈🎵🎶

.