गार्गी कन्या गुरुकुल महाविद्यालय, अलीगढ़, उत्तरप्रदेश

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गार्गी कन्या गुरुकुल महाविद्यालय

( वैदिक व आधुनिक गुरुकुलीय शिक्षा को समर्पित आदर्श संस्थान)

परिचय-पत्र

भैया चामड इगलास, अलीगढ़, उत्तरप्रदेश, पिन 202124

E-mail id: gargikanyagurukul@gmail.com Mobile: 9870684103, 8279601080

शारीरिक सौष्ठव एवम् विकास

शरीर समस्त कर्मों का आधार है। इसे स्वस्थ, निरोग, बलवान्, आत्मनिर्भर बनाए रखने हेतु अनेक प्रकार के प्राचीन व्यायाम, आसन, खेलकूद, अस्त्र-शस्त्र का अभ्यास, आत्मरक्षा के उपाय आदि के विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था है।

गौशाला

“गावो विश्वस्य मातरः”

गुरुकुल परिसर में गौशाला का संचालन किया जाता है। इस गौशाला में देसी नस्ल की गायों का पालन होता है। गौ संवर्धन संरक्षण, पालन पोषण की दिशा में यह एक संस्थान का अनुपम कार्य है।

अन्य सर्वहित कार्य

योग शिविर, व्यायाम प्रशिक्षण शिविर, वैदिक धर्म का प्रचार, यज्ञानुष्ठान, साहित्य वितरण, धार्मिक परीक्षाओं का आयोजन, गोसंरक्षण में सहयोग, साहित्य प्रकाशन आदि ।

भावी योजानाएं एवम् आवश्यकताएं ” दक्षिणावन्तो अमृतं भजन्ते ” (वानी अमरत्व प्राप्त करते हैं।)

गुरुकुल सतत विकास की ओर प्रयासरत है। कन्याओं को समयानुरूप अनिवार्य सुविधाओं को उपलब्ध करना हमारा प्रमुख कर्त्तव्य है। दानदाताओं, वैदिक शिक्षा पद्धति के हिताभिलाषी जनों से संस्थान की निम्न भावी योजनाओं के क्रियान्वयन एवम् गुरुकुल के सुचारू संचालन हेतु नियमित नैमित्तिक सहयोग की अभिलाषा है।

  1. ब्रह्मचारिणियों के भोजन, वस्त्र आदि के लिए नियमित छात्रवृत्ति
  2. पुस्तकालय
  3. कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र
  4. अतिथि कक्ष
  5. यज्ञशाला
  6. भवन का विकास

छात्रवृत्ति, पुस्तकालय, गौशाला आदि अन्य निमित्तो से संस्था को दिया गया दान भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 80G के अन्तर्गत कर मुक्त है।

BANK DETAIL:

Name-SHRUTI SAURABH DHARMARTH NYAS

Account No.-6492002100005201

IFSC Code-PUNB0649200

Punjab National Bank

Branch Iglas. Aligarh, Uttar Pradesh.

श्रुति सौरभ धर्मार्थ न्यास (पंजी)

गार्गी कन्या गुरुकुल महाविद्यालय

इगलास (अलीगढ़)

गुरुकुल की विशेषताएं

सात्विक वातावरण :-

कन्याओं के विद्याध्ययन एवम् सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हेतु रमणीय, शान्त, प्राकृतिक, सात्विक वातावरण उपलब्ध है।

समरसता

सभी विद्यार्थियों के लिए बिना किसी पक्षपात के समान रूप से विकास के सम्पूर्ण अवसर, समस्त अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं।

अध्ययन-अध्यापन:-

सुयोग्य, कुशल, व्यवहारिक महिला अध्यापकों द्वारा अध्यापन की नियमित व्यवस्था। आधुनिक प्रणाली के माध्यम से अनुभवी अध्यापकों-आचार्यों का मार्गदर्शन प्राप्त कराया जाता है।

नियमित दिनचर्या :-

नियमित दिनचर्या व अनुशासन गुरुकुलीय जीवन का अविभाज्य अङ्ग है। इसके अनुपालन से ही तपकर व्यक्तित्व का निर्माण सम्भव है। प्रातः ब्रहामुहूर्त में जागरण से लेकर रात्रि शयन पर्यन्त व्यस्ततम दिनचर्या गुरुकुल में रहती है।

यज्ञ-ध्यान:-

गुरुकुलीय दिनचर्या में प्रातः सायं यज्ञ-ध्यान का अभ्यास नियमित रूप से कराया जाता है। अष्टाङ्ग योग की विद्याओं का समावेश भी इसके अन्तर्गत सम्मिलित रहता है।

अन्तर्सभा प्रतिभा विकास :-

बौद्धिक एवम् शारीरिक विकास हेतु सभाओं के माध्यम से सम्भाषण, संगीत, नाटक, अन्त्याक्षरी आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभा विकास पर भी बल दिया जाता है।

वेद के निर्देशों का अनुपालन करते हुष्ट कन्याओं को वैदिक शिक्षा, धर्म, संस्कृति से संस्कारित करने हेतु गार्गी कन्या गुरुकुल की स्थापना सन् 2002 में श्रद्धेय स्वामी चेतन देव जी वैश्वानर, स्मृतिशेष वृतानन्द जी सरस्वती तथा पूज्य स्वामी केवलानन्द जी सरस्वती द्वारा की गई। इस गुरुकुल का संचालन “श्रुति सौरभ धर्मार्थ न्यास” के माध्यम से किया जा रहा है।

उद्देश्य

नगरीय-महानगरीय दूषित वातावरण से सुदूर शान्त एकान्त वातावरण में विद्यार्थियों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास, ध्यान-उपासनामय आध्यत्मिक जीवन निर्माण, वैदिक शिक्षा पद्धति से दीक्षित, संस्कारित, गुणान्वित, पारम्परिक विविध कलाओं तथा व्यवहारिक ज्ञान से परिपूर्ण युवतियों का जीवन निर्माण, आधुनिक विद्या-भाषा-संसाधनों का क्रियात्मक ज्ञान कराना, विविध व्यायाम-खेलकूद की पद्धतियों में प्रवीण बनाना, सामाजिक कुशलता का विकास कराना, सकारात्मक मनोवृत्ति की ओर प्रेरित करना, जीवन की प्रत्येक सफलता की ओर उन्मुख करना, शिष्टाचार से युक्त करना इत्यादि इस संस्थान के प्रमुख उद्देश्य हैं।

शैक्षणिक पाठ्यक्रम

  1. कक्षा पांचवी से शास्त्री, आचार्य पर्यन्त
  2. व्याकरण, दर्शन, उपनिषद्, निरुक्त आदि वैदिक शास्त्रों का पठन-पाठन
  3. आधुनिक विषय अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि विषयों की शिक्षा
  4. संगीत, कम्प्यूटर आदि की व्यवहारिक शिक्षा

प्रवेश के नियम

  1. छात्रा शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हो ।
  2. विद्याध्ययन में अभिरुचि रखने वाली हो।
  3. छात्रा धार्मिक, अनुशासित एवं विनम्र हो।
  4. प्रवेश के लिए लिखित व मौखिक परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।