सनातन वैदिक कन्या गुरुकुलम् बड़टीका का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह
बलांगीर (ओडिशा), 1 जून 2025 –
वैदिक संस्कृति की पुनर्स्थापना और नारी शिक्षा के पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बलांगीर जिले के बड़टीका ग्राम में सनातन वैदिक कन्या गुरुकुलम् का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह बड़े श्रद्धा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी के पुण्य अवसर पर, रविवार 1 जून 2025 को सुबह 9 बजे से 12:30 तक वैदिक मंत्रोच्चार, स्वस्तिवाचन एवं अथर्ववेदीय भूमि सूक्त के मंत्रों के साथ गुरुकुलम् की आधारशिला रखी गई। इस अवसर पर पूज्य संन्यासीगण, वेदपाठी ब्रह्मचारी, मातृशक्ति, धर्मनिष्ठ सज्जन, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं क्षेत्रीय राजनेताओं की उपस्थिति रही।

वैदिक शिक्षा के पुनरुत्थान की प्रेरणा
गुरुकुलम् की स्थापना महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा प्रज्ज्वलित उस ज्योति से प्रेरित है, जिसने न केवल भारत को सांस्कृतिक रूप से पुनर्जीवित किया बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में वैचारिक आधार भी प्रदान किया। अमर शहीद स्वामी श्रद्धानंद, लाला देवराज एवं महात्मा हंसराज जैसे महापुरुषों के प्रयासों का ही प्रतिफल है कि आज भी वैदिक शिक्षा पद्धति जीवंत है।
आयोजन की विशेषताएं
इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संस्कृत वाङ्मय, वैदिक जीवन पद्धति, वेदपाठ, नारीशक्ति का वैदिक उत्थान जैसे विषयों पर वक्ताओं ने सारगर्भित विचार रखे। गुरुकुलम् में 50 ब्रह्मचारिणियों की शिक्षा व्यवस्था के साथ संस्कार आधारित वैदिक जीवन की नींव रखी जा रही है।
भूमि एवं संसाधनों का संकलन
गुरुकुलम् के लिए अब तक 2 एकड़ 91 डिसमिल भूमि दान स्वरूप प्राप्त हो चुकी है जो संस्था के नाम पंजीकृत भी की जा चुकी है। प्रारंभिक चरण में पाँच 25×25 के कमरे, चारदीवारी, बिजली, जल की व्यवस्था (ट्यूबवेल/बोरिंग) एवं अतिथियों हेतु विश्राम गृहों के निर्माण के लिए लाखों रुपए की आवश्यकता है।
सभी धर्मप्रेमी सज्जनों से सहयोग का विनम्र आह्वान किया गया है कि वे तन-मन-धन से इस गुरुकुलम् के निर्माण में योगदान दें।
कर-मुक्त सहयोग सुविधा
यह भी सूचित किया गया कि गुरुकुलम् को दी गई सहयोग राशि आयकर अधिनियम की धारा 80-G के अंतर्गत कर मुक्त होगी। सहयोग राशि पंजाब नेशनल बैंक, नुआपड़ा में जमा की जा सकती है (IFSC: PUNB0173920, A/C: 1739200100013531)।
मार्गदर्शन एवं संपर्क
कार्यक्रम की सफलता हेतु आचार्य डॉ. सुदर्शन देव (गुरुकुल हरिपुर), आचार्य राजेन्द्र वर्णी, श्री अशोक अग्रवाल, श्रीमती शर्मिला पधान, श्री आनन्द साहू, श्री रामचन्द्र साहू सहित अनेक विद्वतजन और कार्यकर्ता समर्पित रहे। संपर्क सूत्र भी कार्यक्रम के अंत में साझा किए गए हैं ताकि इच्छुक सहयोगकर्ता संपर्क स्थापित कर सकें।
विशेष संदेश
“आज की कन्याएँ यदि वैदिक, नैतिक एवं आत्मनिर्भर बनेंगी तो आने वाला भारत अधिक सशक्त, संस्कारी और समृद्ध होगा। यह गुरुकुल केवल भवन नहीं, संस्कृति का गढ़ होगा।”
– आचार्य डॉ. सुदर्शन देव
संचालक, सनातन वैदिक कन्या गुरुकुलम्, बड़टीका
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