






दो दिवसीय होली मिलन समारोह हर्षोल्लास से सम्पन्न
धर्म का मूल वेद है — धर्माचार्य प्रमोद शास्त्री
संगठित होकर पुरुषार्थ करने से होगी राष्ट्रोन्नति — आचार्य चन्द्र पाल शास्त्री
मुस्कुराहट से मिलता है स्वास्थ्य, युवा ऊर्जा और सौंदर्य — योगी प्रवीण आर्य
गाजियाबाद, 01 मार्च 2026 (रविवार)।
ग़ाज़ियाबाद,रविवार,01-03-2026 को आर्य समाज कवि नगर में दो दिवसीय वासन्तीय नवसस्येष्टि यज्ञ एवं होली मिलन समारोह हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।
वैदिक विद्वान धर्माचार्य प्रमोद शास्त्री के ब्रह्मत्व में वासन्तीय नवसस्येष्टि यज्ञ सम्पन्न हुआ।मुख्य यज्ञमान श्रीमती मनोरमा शर्मा- अशोक शर्मा,नेहा कसाना-रितेश कसाना,शशि बाला एवं रविन्द्र आर्य रहे।उन्होंने यज्ञ मानों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद एवं मंगलमय जीवन की प्रभु से प्रार्थना की।उन्होंने पांच माताओं ईश माता,जननी माता,धरती माता, गौमाता और वेदमाता का जिक्र करते हुए बताया कि यदि वेदमाता हमें प्राप्त ना हो तो मनुष्य और पशुओं में कोई अंतर नहीं रहेगा।अतः धर्म की जानकारी के लिए वेदों का स्वाध्याय करना पड़ेगा क्योंकि धर्म का मूल वेद हैँ।
सहारनपुर से पधारे सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक अभिषेक आर्य, नरेन्द्र आर्य,ऋचा आर्या,सतेन्द्र चौहान के द्वारा गाये होली मिलन के गीतों को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
पतंजलि योग पीठ से पधारे स्वामी विवेक देव ने कहा क़ि हमारी सभ्यता,संस्कृति और परम्पराएं आज भी जीवित हैं।सनातन वैदिक धर्म सीधे ईश्वर से जुडा है।वेद परमात्मा क़ि वाणी हैँ।भारतीय सभ्यता संस्कृति की रक्षा के लिए गाय,गौशालाओं और गुरुकुलों का संवर्धन करना होगा।
होली मिलन समारोह के मुख्य वक्ता आचार्य चन्द्र पाल शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्व हमें आपस में जोड़ते हैं अतः संगठित होकर समाज कल्याण के कार्य करें।अपना और राष्ट्र का उद्धार करना है तो हमें पुरुषार्थ की और बढ़ना होगा।आत्मिक उन्नति के लिए जो कार्य किये जाते हैं वह पुरुषार्थ हैं।वही कार्य करें जो परमात्मा की भक्ति के हों।यदि आज होली पर्व पर संकल्पित होकर उपरोक्त कार्य करें तो अनायास सभी जुड़ जायेंगे और राष्ट्रोन्नति भी होने लगेगी,होली पर्व मनाना सार्थक हो जायेगा।
योगी प्रवीण आर्य ने कहा कि पर्व हमें एक दूसरे से जोड़े रखते हैं।इसलिए पर्वों को हँसते मुस्कुराते मनाना चाहिए।केवल मुस्कुराने से आप तनावमुक्त,युवा और सुन्दर बने रहते हैं।
विशेष आमंत्रित वेद प्रभातम ने कहा कि होली बड़ा पवित्र त्यौहार हैँ जिसे ऋषिमुनी प्राचीन काल से मनाते आ रहे हैं खेतो में बड़े बड़े यज्ञ कुंडो पर और घरों में प्रातः सायं यज्ञ हुआ करते थे चहूँ और जनता सुखों से पूरित थी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री राजेन्द्र आर्य,आलोक राघव,आशा आर्या,डा प्रमोद सक्सेना,वी के गुप्ता, सुमन चौहान,सुभाष शर्मा, सौरभ आर्य,बृजपाल गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
मंच का कुशल संचालन यशस्वी मंत्री वी के धामा ने किया।समाज के प्रधान लक्षमन सिंह ने tg53p[vp;eधन्यवाद ज्ञापित किया। शांतिपाठ एवं ऋषि लंगर के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
साभार — प्रवीण आर्य
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