देख देख महिमा तेरी हुआ जग हैरान

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देख देख महिमा तेरी हुआ जग हैरान

तर्ज : तन के तम्बूरे में तो

देख देख महिमा तेरी हुआ जग हैरान

तुझको शतशत प्रणाम प्रभुजी लाखों प्रणाम

दाता विधाता तू है सर्वशक्तिमान

तुझको शतशत प्रणाम तुझको लाखों प्रणाम ॥

अगणित सूर्य चन्द्र और तारे चमकें गगन में सारे (2)

गति करें आकाश में प्रभुजी केवल तेरे सहारे (2)

दया है असीम तेरी हे दयावान !!

तुझको शतशत प्रणाम…

कोटि कोटि जीवों को जग में तूने दिया बसेरा (2)

पर उपकार तू जीवमात्र का करता रहा घनेरा (2)

कण कण में व्यापक तेरा निशान !!

तुझको शतशत प्रणाम…

तू ब्रह्माण्ड का सरजन हारा करता दूर अन्धेरा (2)

तेरी आज्ञा से दिन रैना रवि शशि देते पहरा (2)

सकल देवों को करे ज्योतिर्मान ॥

तुझको शतशत प्रणाम…

तेरे याज्ञिक कर्मों से प्रभु हुआ जगत उजियारा (2)

तेरे वेद की विद्या से प्रभु बही ज्ञान की धारा (2)

ऋषि मुनि योगी करते तेरा ही ध्यान ॥

तुझको शतशत प्रणाम…

मेरे इस मन के मन्दिर में दीप जले प्रभु तेरा (2)

मेरी आत्मा के मस्तक पर बाँधो ओ३म् का सेहरा (2)

ओ३म् ओ३म् जपते जपते निकलें तन से प्राण ॥

तुझको शतशत प्रणाम…

भटक भटक जन्मों से हारा दे दो प्रभु सहारा (2)

मेरी जीवन की नैया को दे दो सुखद किनारा (2)

चरणों में तेरे मेरी मुक्ति का धाम ॥

तुझको शतशत प्रणाम…