हरियाणा के फरीदाबाद स्थित आर्य समाज मंदिर, सेक्टर–7ए में वैदिक संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और समाज जागरण को समर्पित एक अत्यंत भव्य, पावन एवं प्रेरणादायक चार दिवसीय वेद कथा एवं वैदिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष आयोजन 2 अप्रैल 2026, गुरुवार से 5 अप्रैल 2026, रविवार तक निरंतर चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वैदिक विचारधारा, नैतिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।
इस चार दिवसीय महाआयोजन में यज्ञ, हवन, वैदिक मंत्रोच्चार, प्रवचन, भजनोपदेश, सम्मान समारोह तथा समाज सुधार से जुड़े अनेक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आर्य समाज द्वारा यह आयोजन समाज के सभी वर्गों को वैदिक ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन शैली से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
वैदिक ज्ञान एवं आध्यात्मिक चेतना का संगम
इस आयोजन में श्रद्धालुओं को वेदों के मूल संदेश, महर्षि दयानन्द सरस्वती के आदर्शों और आर्य समाज के समाज सुधार आंदोलन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में नैतिकता, सदाचार और वैदिक जीवन मूल्यों को पुनः स्थापित करने का प्रयास भी है।
चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रत्येक दिन प्रातः और सायं दो विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्वानों के सारगर्भित प्रवचन एवं मधुर भजनोपदेश का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।

प्रमुख विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन आयोजन में आर्य जगत के प्रतिष्ठित विद्वान, धर्माचार्य और वक्ता अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष आयाम प्रदान करेंगे।
आमंत्रित प्रमुख विद्वतजन
- धर्माचार्य – आचार्य सतीश जी सत्यम्
- मुख्य वक्ता – आचार्य डॉ. पुनीत जी शास्त्री (मेरठ)
- भजनोपदेशिका – श्रीमती कविता जी आर्या (दिल्ली)
इन विद्वानों के प्रवचन श्रद्धालुओं को वैदिक ज्ञान, सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक चिंतन की दिशा में प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारणी
यह चार दिवसीय आयोजन सुनियोजित रूप से विभिन्न सत्रों में विभाजित किया गया है।
प्रातः सत्र (7:30 बजे से 10:00 बजे तक)
प्रत्येक दिन प्रातःकालीन सत्र में वैदिक यज्ञ एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे:
- यज्ञ एवं हवन – प्रातः 7:30 से 8:30 बजे तक
- भजनोपदेश – 8:30 से 9:15 बजे तक
- मुख्य वैदिक प्रवचन – 9:15 से 10:00 बजे तक
इस सत्र में वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ सम्पन्न होगा, जिससे वातावरण की शुद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।

सायं सत्र (7:00 बजे से 9:00 बजे तक)
सायंकालीन सत्र में श्रद्धालुओं के लिए विशेष भजन एवं प्रवचन का आयोजन होगा:
- भजनोपदेश – सायं 7:00 से 8:00 बजे तक
- मुख्य प्रवचन – सायं 8:00 से 9:00 बजे तक
सायं सत्र में भजनोपदेशिका श्रीमती कविता जी आर्या द्वारा मधुर वैदिक भजनों की प्रस्तुति तथा आचार्य डॉ. पुनीत जी शास्त्री द्वारा ज्ञानवर्धक प्रवचन किए जाएंगे।
विशेष सम्मान एवं अभिनन्दन समारोह
इस आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण 5 अप्रैल 2026, रविवार को आयोजित होने वाला विशेष सम्मान समारोह एवं अभिनन्दन कार्यक्रम है।
इस अवसर पर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के नव निर्वाचित प्रधान
श्रीमान सुरेन्द्र कुमार जी आर्य
का भव्य सम्मान एवं अभिनन्दन किया जाएगा।
यह समारोह प्रातः 11:00 बजे आरम्भ होगा। इसमें समाज के गणमान्य व्यक्तियों, विद्वानों, श्रद्धालुओं एवं आर्य समाज के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

आर्य समाज का संदेश एवं समाज सुधार
कार्यक्रम के दौरान आर्य समाज के मूल सिद्धांतों को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्य संदेश
- वेदों के बताए मार्ग पर चलना
- समाज से अंधविश्वास और पाखंड को दूर करना
- महिला शिक्षा एवं समाज सुधार को बढ़ावा देना
- यज्ञ एवं हवन द्वारा वातावरण शुद्धि
- वैदिक संस्कृति का संरक्षण
- राष्ट्र निर्माण में समाज की भागीदारी
आर्य समाज ने सदैव समाज सुधार, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान इन पहलुओं को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।
महर्षि दयानन्द सरस्वती के आदर्श
इस आयोजन में महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन, उनके सिद्धांतों और उनके समाज सुधार आंदोलन पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।
महर्षि दयानन्द ने वेदों की ओर लौटने का संदेश दिया और समाज को रूढ़िवादिता, पाखंड एवं अंधविश्वास से मुक्त करने का कार्य किया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं।

सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना का संदेश
यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का भी संदेश देता है। आर्य समाज ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण में जो योगदान दिया है, उसे इस कार्यक्रम में विस्तार से बताया जाएगा।
आयोजन स्थल
आर्य समाज मंदिर (पंजीकृत)
सेक्टर–7ए, फरीदाबाद – 121006
संपर्क सूत्र
- 9312083458
- 9811322428
- 9811164828
समस्त श्रद्धालुओं, भाई-बहनों, परिवारजनों एवं मित्रों से विनम्र निवेदन है कि इस चार दिवसीय पावन वेद कथा एवं वैदिक सत्संग कार्यक्रम में सपरिवार पधारकर आयोजन की शोभा बढ़ाएँ और वैदिक ज्ञान का लाभ प्राप्त करें।
🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶
























