भूले से भी न भूल सकेंगे ऋषि को हम
दरियादिली ऋषि की बता दें सभी को हम ॥ भूले से ॥
जो प्यार करना ऋषि ने सिखाया जहान को
अपना बना के प्यार करें हर किसी को हम ॥ भूले से !!
तोड़े ना हम ऋषि की कभी रिश्ताए उम्मीद
वेद प्रचार करें शुरू आज ही से हम ॥ भूले से ॥
वेदों की राह जो न दिखाता ऋषि हमें
कैसे सुनाते हाल अपना बेबसी को हम ॥ भूले से ॥
गुमराहों पर ऐ आर्य निगाहें करम तो कर
गुफलत को क्या मिटा न सकेंगे कभी भी हम ? ॥ भूले से ॥










