परमहंस परिव्राजकाचार्य महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के २००वीं जन्म जयन्ती के उपलक्ष्य में
भव्य एवं दिव्य ऋषि मेला समारोह
कार्तिक कृष्ण १ से तृतीया सम्वत् २०८१ तदनुसार १८, १९, २० अक्टूबर २०२४
विराट् व्यक्तित्व महर्षि दयानन्द की समग्र मानव जाति ऋणी है। इस ऋण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की एकमात्र उत्तराधिकारिणी संस्था परोपकारिणी सभा, अजमेर एक भव्य एवं दिव्य समारोह का आयोजन कर रही है। इस अवसर पर कई सम्मेलनों (यथा गोरक्षा सम्मेलन, वेद प्रचार सम्मेलन, सोशल मीडिया और आर्यसमाज, स्त्री शिक्षा सम्मेलन, युवा सम्मेलन, गुरुकुल सम्मेलन, राष्ट्र रक्षा सम्मेलन) का आयोजन होगा।
कार्यक्रम स्थल – ऋषि उद्यान, पुष्कर मार्ग, अजमेर
यजुर्वेद पारायण यज्ञ – का आरम्भ सोमवार १४ अक्टूबर से होगा व इसकी पूर्णाहुति समापन समारोह के अन्तिम दिन २० अक्टूबर को प्रातः १० बजे होगी। इस यज्ञ के ब्रह्मा प्रो. कमलेश कुमार शास्त्रो अहमदाबाद होंगे।
विशेष आकर्षण
१. इच्छुक व्यक्तियों को वानप्रस्थ एवं संन्यास की दीक्षा।
२. ऋषि के जीवन के ऊपर लेजर शं ।
३. ऋषि दयानन्द के जीवन पर प्रदर्शनियाँ।
४. संगठन का परिचय देने के लिए एक विशाल शोभा यात्रा।
५. वेद-कण्ठस्थीकरण की परीक्षा।
६. ऋषि दयानन्द के जीवन पर विशेष गोष्ठियाँ, नाटिकायें।
७. आर्य साहित्य एवं यज्ञादि के उपकरणों का विक्रय।
८. कार्यकर्ताओं तथा विद्वानों का सम्मान।
ऋषि लंगर इस अवसर पर पधारने वाले श्रद्धालुओं के लिए पौष्टिक एवं स्वादिष्ट प्रातः राश तथा दोनों समय के भोजन की व्यवस्था परोपकारिणी सभा की ओर से होगी।
आवास-व्यवस्था आप यदि समूह में रहना चाहेंगे तो ऋषि उद्यान तथा इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों, आर्यसमाजों एवं धर्मशालाओं में व्यवस्था की जायेगी। यदि आप अपने लिए अलग से कमरों की व्यवस्था करना चाहते हैं तो निम्न दूरभाषों पर कम से कम १५ दिन पूर्व सूचना दे दें ताकि होटलों में व्यवस्था की जा सके। आप अपने आने के लिए निम्नलिखित दूरभाष पर रजिस्ट्रेशन अवश्य करा लें ताकि आपके आवास में कोई कठिनाई न हो।
सम्पर्क सूत्र
१. श्री रमेशचन्द भाट 9413356728
२. श्री दिवाकर गुप्ता 7878303382
आप से निवेदन है कि आप इस अवसर पर अवश्य पधारें। ऐसा अवसर आप के जीवन में दूसरी बार नहीं आयेगा तथा सभी जन अपने परिवार व समाज के सभी कार्यकर्ताओं सहित पधारकर महर्षि को हार्दिक श्रद्धांजलि प्रदान करें। महर्षि दयानन्द के स्वप्न को साकार करने हेतु प्रेरणा व उत्साह प्राप्त कर वेद धर्म के प्रचार-प्रसार को एक नई चेतना प्रदान करें।










