भंवर से निकाल नैया लगा गये किनारे (धुन- राधा क्यूँ गोरी मैं क्यूँ काला)
भंवर से निकाल नैया लगा गये किनारे।
देव दयानन्द हमें इस लिये प्यारे।। टेक ।।
जाति भेद भाव घृणा द्वेष ऊँच नीच का।
दूर किया फांसला वह मानवों के बीच का।।
एक ही कुटूम्ब कहा मनुष्य हैं सारे।
इस लिये प्यारे…….
कहते थें वेदों को तो शंखासुर ले गया।
बदले में पुराणों के गपोड़ो को दे गया।
खोज करके वेद ज्ञान दे दिया दोबारे।
इसलिये प्यारे 2
मतों और पन्थों को धर्म बताते थे।
इस लिये ढोंग और पाखन्ड पूजे जाते थे।।
धर्म के बताकर लक्षण दुख सब निवारे।
इस लियें प्यारे……..
शंकर ने धर्म और फ्रायड ने काम को।
मार्कस ने बताया प्रेमी आर्थिक प्रोग्राम को ।।
मोक्ष का बता गये साधन ऋषिवर हमारे।
इस लिये प्यारे………….










