भक्ति में मन लगा, मिलेगा आनन्द तुझको

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भक्ति में मन लगा, मिलेगा आनन्द तुझको

शरण प्रभु की सुखदाई है

वही सच्चा पिता सबका बन्धु सखा

जिसने सृष्टि सकल रचाई है ॥ भक्ति में…

चहुँ ओर ईश्वर की अनन्त है महिमा

संसार को प्रभु छाया तले रहना (2)

दया प्रेम करुणा की पिता परमेश्वर ने

वर्षा सुखद बरसाई है ॥ भक्ति में..

जो कुछ भी माँगो प्रभु से वो देता

बदले में ना कुछ कभी हमसे लेता (2)

हजारों निगाहें दया की हजारों ही हाथों से

दौलतें दाता ने लुटाई हैं ॥ भक्ति में…

प्रभु के गुणों का चिन्तन जो करता

पालन जो करता जीवन सँवरता (2)

सकल क्लेष दुःख व चिन्ता शरणागत की हरता

भक्तों का ईश्वर सहाई है ॥ भक्ति में…

सत्य ज्ञान की प्रभु से विद्या है आई

वेदों के द्वारा ऋषियों ने पहुँचाई (2)

सत्कर्म के लिए ज्ञान विज्ञान की विद्या

परम साधकों ने पाई है ॥ भक्ति में…

ध्यान लगा प्रभु का कर प्रभु का सिमरन

ईश्वर का सर्वस्व, कर उसे समर्पण (2)

इक तरफ संसार चयन है इक तरफ प्रभु शरण है

मिलेगी दिशा वो जो चाही है ॥ भक्ति में…

प्रभु की कृपा बिन मिले ना ये. मुक्ति

चाहिए जो परमानन्द कर प्रभु की भक्ति (2)

प्रभु के प्रकाश और अन्तर्वास में ही

आत्मा ने मुक्ति पाई है ॥ भक्ति में…

तर्ज: दिल जो न कह सका वही राजे दिल