भगवान भारती हो
भगवान भारती हो,
वेदों के ज्ञान वाले ।
ऋषियों के पुत्र होवें,
ऋषियों की शान वाले ।। टेक ।।
भगवान…….
सुखदेव से हों ब्राह्मण,
त्यागी, तपस्वी, ज्ञानी ।
श्री व्यास जी से वक्ता,
हो व्याख्यान वाले ।।१।।
भगवान क्षत्रिय हों भीष्म जैसे,
आदित्य ब्रह्मचारी ।
अर्जुन से हों बहादुर,
तीरों कमान वाले ।।२।।
भगवान…..
राणा सा प्राण दाता,
मेवाड़ का था गौरव ।
भामा से वैश्य हों सब,
फिर सच्चे दान वाले ।।३।।
भगवान …..
हो श्रमिक सुत विदुर से,
सच्चे सुशील सेवक ।
चैता व बन्दा जैसे,
हों ज्ञान ध्यान वाले ।।४।।
भगवान…..
फैले प्रभु जगत में
भारत का सोशलीजम ।
चातुर वर्ण हों उत्तम,
सब आन बान वाले ।।५।।
भगवान …
तुच्छ ‘व्यास’ की विनय को,
प्रभु आप पूर्ण करिए ।
सब लोग भारती हों,
उत्तम विचार वाले ।।६।।
भगवान…..










