बलिदान दिवस का आयोजन: राजस्थान

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Balidan Divas ka aayojan Rajasthan 2025

अमर शहीद भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव का 94वाँ बलिदान दिवस

देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक विशेष आयोजन

तिथि: 23 मार्च 2025, रविवार
स्थान: महर्षि दयानन्द योगधाम, राधा कृष्ण कॉलोनी, नारनौल रोड़, बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़), राजस्थान

कार्यक्रम:

  • प्रातः 8 से 10 बजे – यज्ञ, भजन, प्रवचन
  • दोपहर 12 से 5 बजे – एक दिन शहीदों के नाम (क्रांतिकारी जीवन पर चर्चा एवं प्रेरणादायक प्रसंग)
  • सायं 6 बजे – ऋषि लंगर (सर्वसाधारण हेतु अन्नदान सेवा)

मुख्य वक्ता: आचार्य मोहन आर्य (श्रुतबन्धु), आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय, नर्मदापुरम (म.प्र.)


क्रांति का सूर्य – अमर शहीद भगतसिंह

एक बालक, जिसने क्रांति को अपना धर्म बना लिया

सन 1920 का दशक। पंजाब की भूमि पर एक बालक हँसता-खेलता बड़ा हो रहा था, पर उसकी आँखों में दुनिया के किसी भी सामान्य बच्चे से अलग एक अनोखी चमक थी। उसकी कल्पनाओं में खिलौने नहीं, बल्कि आज़ादी के सपने थे। उसके कानों में लोरियों की जगह जलियाँवाला बाग़ के चीखते स्वर गूंजते थे।

एक दिन गाँव के एक बुजुर्ग ने उस बालक से पूछा—

“तुम्हारा नाम क्या है, बेटा?”
बालक मुस्कराया और उत्तर दिया— “भगत सिंह!”

“करते क्या हो बच्चा?”
बालक ने गर्व से कहा— “बंदूकें बेचता हूँ!”

“बंदूकें?” बुजुर्ग ने आश्चर्य से पूछा।
“हाँ! हमें अपने भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्र जो कराना है!”

“पर तुम्हारा धर्म क्या है?”
बालक ने आत्मविश्वास से उत्तर दिया— “देशभक्ति!”

यही बालक आगे चलकर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला देने वाला क्रांतिकारी बना, जिसने हंसते-हंसते फाँसी के फंदे को चूम लिया और अमर हो गया। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय के हृदय में ज्वाला बनकर जलता है।


“कृण्वन्तो विश्वमार्यम्”

संयोजक – रामकृष्ण शास्त्री

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