बहादुर नौजवानों की वतन को अब जरूरत है।

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बहादुर नौजवानों की वतन को अब जरूरत है।

बहादुर नौजवानों की
वतन को अब जरूरत है।
चहकने वाली चिड़ियों की
चमन को अब जरूरत है।।

फंसी है देश की नौका
दलों की आज दलदल में
बढ़ें आगे बहादुर दल
दमन की अब जरूरत है।।1।।

मिटाकर पार्टीबाजी बनें
सब देश के हमदर्द
खत्म कर द्वेष जो रखें
अमन की अब जरूरत है।।2।।

लफंगे दुष्ट व्यभिचारी बढ़ें
जो देश में इनको सुला दें
कब्र में ढककर कफन की
अब जरूरत है।।3।।

छोड़कर वेद मार्ग को फिरें
जो भूल में प्रेमी सिखा दो
उनको उत्तम आचरण की
अब जरूरत है।।4।।