Author name: Arya Samaj bhajan

धीरे-धीरे घटती जाये सारी रे उमरिया।
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धीरे-धीरे घटती जाये सारी रे उमरिया।

धीरे-धीरे घटती जाये, सारी रे उमरिया। (तर्ज- नगरी नगरी द्वारे-द्वारे ढूंदू रे) धीरे-धीरे घटती जाये,सारी रे उमरिया।दुनियां के मेले में

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