दुनियां वालो देव दयानन्द दीप जलाने आया था ।
दुनियां वालो देव दयानन्द तर्ज – कसमें वादे प्यार वफा सब दुनियां वालो देव दयानन्द दीप जलाने आया था ।भूल […]
दुनियां वालो देव दयानन्द तर्ज – कसमें वादे प्यार वफा सब दुनियां वालो देव दयानन्द दीप जलाने आया था ।भूल […]
महापुरूष जनम लेंगे ( तर्ज – ऐ मेरे दिले नादां ) महापुरूष जनम लेंगे सुना न जहाँ होगा।गुरूदेव दयानन्द सा
समय बड़ा बलवान् रे !! समय बड़ा बलवान् रे !!समय बड़ा बलवान् जीवन धन्य उसी का है जोसमय को ले
शक्तिशाली हो प्रभु तुम ! शक्तिशाली हो प्रभु तुम !हो पवित-पवमान सदाकर दिया गतिमान जगत् कोविश्वव्यापी तेरी प्रभा !शक्तिशाली हो
व्यर्थ ही जन्म ना तुझे खोना चाहिए व्यर्थ ही जन्म ना तुझे खोना चाहिएदूर विषयों से तुझे होना चाहिए प्रातः
कर ले भला, होगा भला, अन्त भला है कर ले भला, होगा भला, अन्त भला हैबस यही संसार में जीने
ओ३म् है ईश्वर हमारा ओ३म् है ईश्वर हमाराओ३म् है जगदाधारओ३म् है निर्लेप नियन्ताओ३म् है करतारभजो मन, अविनाशी ओम्कारभजो उर, ओ३म्
आलोकित पथ करो हमारा आलोकित पथ करो हमारा,हे जग के अन्तर्यामी !शुभ्र प्रकाश दोस्वच्छ दृष्टि दोजड़-चेतन सबके स्वामी !आलोकित पथ
आत्म ज्ञान का दाता और शरीर आत्मा का आत्म ज्ञान का दाताऔर शरीर आत्मा कातू ही है स्वामीसब विद्वान् तेरी
सच्ची लगन तुमसे लगी, भक्त हूँ तेरा सच्ची लगन तुमसे लगी, भक्त हूँ तेराआज मैं आनन्द में रहूँ, नाम लूँ
चंचल मन मेरे ओ३म् जपा कर चंचल मन मेरे ओ३म् जपा करओ३म् जपा कर ओ३म्पल-पल छिन-छिनघडी-घडी निशदिनओ३म् जपा कर ओ३म्चन्चल
हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारीहमको बनाओ प्रभु, आज्ञाकारीपालक हो तुम, रक्षक हो तुमहो
बुराइयों को कभी जीवन में अपनाना नहीं चाहिए बुराइयों को कभी जीवन मेंअपनाना नहीं चाहिएयह मीठा जहर होता हैइसे खाना
सुख के अभिलाषी प्राणी को भगवान् भुलाना ठीक नहीं सुख के अभिलाषी प्राणी कोभगवान् भुलाना ठीक नहींसीधे पथ जाने वाले
आपकी कृपा से हम कुछ-कुछ ज्ञान पा गये आपकी कृपा से हमकुछ-कुछ ज्ञान पा गयेज्ञानी हैं आप प्रकाश-पुञ्जआत्मा की ज्योत