आर्य वीरांगना दल, उत्तराखण्ड द्वारा बालिकाओं के लिए चरित्र निर्माण एवं संस्कार शिविर
स्थान: सेन्ट जे.पी. कॉन्वेन्ट पब्लिक स्कूल, टिक्कमपुर, सुल्तानपुर, लक्सर, हरिद्वार
दिनांक: 20 जून से 27 जून 2025
प्रवेश शुल्क: ₹350 (8 दिन के लिए)
आयु सीमा: 12 वर्ष या उससे अधिक की बालिकाएं
शिविर का उद्देश्य
मानव जीवन में आचरण ही उसकी दिशा और दशा का निर्धारण करता है। यही आचरण परिवार, समाज और राष्ट्र में प्रेम, सहयोग और अनुशासन को जन्म देता है। बाल्यावस्था में संस्कारों का बीजारोपण ही उज्जवल भविष्य की नींव रखता है। इसी उद्देश्य को लेकर आर्य वीरांगना दल, उत्तराखण्ड द्वारा एक आवासीय ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर की मुख्य गतिविधियाँ
- योग एवं प्राणायाम
- ध्यान एवं नैतिक शिक्षा
- व्यवहारिक शिक्षा एवं जीवन शैली प्रशिक्षण
- लाठी-तलवार, शूटिंग, तीरंदाजी, मार्शल आर्ट
- यज्ञ एवं संस्कार शिक्षा
- बुद्धिवर्धक प्रश्नोत्तरी, दैनिक अनुशासन
- आर्य विद्वानों के मार्गदर्शन में वैदिक विचारों की शिक्षा
प्रशिक्षण व मार्गदर्शन
शिविर में योग्य महिला शिक्षिकाओं एवं वैदिक विद्वानों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रमुख प्रशिक्षणगण:
- आचार्य विक्रान्त आर्य (प्रधान व्यायाम शिक्षक)
- आलु आर्या, खुशी आर्या (वैदिक प्रवक्ता)
- संगिता आर्या, ममता आर्या, संगीता राठौर, चमन देवी (सह-संचालकगण)
शिविर प्रवेश के नियम
- शिविरार्थी की आयु 12 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- बालिकाओं को केवल महिला शिक्षिकाओं द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- आवास एवं भोजन की व्यवस्था निःशुल्क होगी।
- साथ लाने योग्य सामान:
- सफेद कुर्ता-सलवार या लोवर-टीशर्ट (दो जोड़ी)
- एक बेडशीट, पी.टी. शूज
- थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच (भोजन हेतु)
- कीमती वस्तुएं जैसे आभूषण आदि साथ न लाएं।
- शिविर में अनुशासन का पालन अनिवार्य होगा।
- सभी शिविरार्थी को 20 जून को अपराह्न 3 बजे तक शिविर स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है।
संपर्क करें
- 9411553512
- 8445539704
- 80574112503
आप सभी से विनम्र अनुरोध
अपनी बालिकाओं को इस पावन वैदिक संस्कार शिविर में भाग लेने हेतु प्रेरित करें और उन्हें एक उत्तम, चरित्रवान, आत्मनिर्भर और राष्ट्रभक्त नागरिक के रूप में निर्माण का अवसर दें।
निवेदक:
आर्य वीरांगना दल, उत्तराखण्ड
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा, हरिद्वार
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