सार्वदेशिक आर्य वीर दल द्वारा राष्ट्रीय शिविर 2025 – एक संगठित संस्कारित भविष्य की ओर
सार्वदेशिक आर्य वीर दल, एक सशक्त, अनुशासित एवं चरित्रवान समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत संस्था, आगामी राष्ट्रीय शिविर 2025 का आयोजन भव्य स्तर पर करने जा रही है। यह शिविर 01 जून से 15 जून 2025 तक गुरुकुल विश्वभारती, भैयापुर, लाढ़ौत रोड, रोहतक (हरियाणा) में आयोजित किया जाएगा।
शिविर का उद्देश्य व प्रशिक्षण
इस शिविर में शाखानायक, उपव्यायाम शिक्षक तथा व्यायाम शिक्षक श्रेणी के आर्यवीरों को शारीरिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण स्वामी देवव्रत सरस्वती के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में होगा। साथ ही, अनुभवसम्पन्न शिक्षकों की टीम द्वारा सभी प्रतिभागियों को नियोजित व अनुशासित दिनचर्या में निपुण किया जाएगा।
शिविरार्थियों हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश
शिविर में भाग लेने वाले प्रत्येक आर्यवीर को निम्नलिखित सामान साथ लाना अनिवार्य है:
- गणवेश: खाकी हाफ पैंट, सफेद सैंडो बनियान, सफेद जूते व जुराब
- अन्य: दैनिक प्रयोग की वस्तुएं, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, माता-पिता की अनुमति-पत्र
शिविर में अनुशासन सर्वोपरि है। इसका पालन न करने पर शिविरार्थी को शिविर से पृथक् भी किया जा सकता है।
प्रवेश शुल्क विवरण
- शाखानायक: ₹800/-
- उपव्यायाम शिक्षक एवं व्यायाम शिक्षक: ₹1000/-
(पाठ्य पुस्तकें शिविर की ओर से प्रदान की जाएंगी।)
विशेष शिविर – कार्यकर्ता एवं व्यायाम शिक्षक हेतु
दिनांक 13 से 15 जून 2025 तक एक विशेष शिविर का आयोजन उन्हीं स्थान पर किया जाएगा। इसमें भावी व्यायाम शिक्षकों को प्रशिक्षित कर, उन्हें अपने क्षेत्र में सक्रिय करने की योजना तैयार की जाएगी।
भविष्य की योजनाएं
इस शिविर में 2025 में होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन (09-12 अक्टूबर) के संदर्भ में भी विशेष चर्चाएं होंगी। साथ ही आर्य वीर दल स्थापना वर्ष (2026–2029) को विशेष रूप से मनाने की योजनाएं प्रस्तावित की जाएंगी।
यात्रा मार्ग
दिल्ली से आने वाले शिविरार्थी रेल या बस के माध्यम से रोहतक पहुँचें और वहाँ से टैम्पो द्वारा गुरुकुल विश्वभारती पहुँच सकते हैं।
निवेदकगण:
- आचार्य हरिदत्त उपाध्याय – शिविर संयोजक
- प्रवीण शास्त्री – प्रधान व्यायाम शिक्षक
- कृष्णपाल आर्य – मन्त्री
- आचार्य सोमदेव – बौद्धिकाध्यक्ष
- सत्यवीर आर्य – प्रधान संचालक
- आचार्य नन्दकिशोर – व्यवस्थापक
संपर्क सूत्र:
9717497035, 9414789461, 9467071733, 9868620631, 9466436220
निष्कर्ष:
यह शिविर न केवल आर्य वीरों के शारीरिक विकास का मंच है, बल्कि वैदिक संस्कारों, अनुशासन, राष्ट्र सेवा और चरित्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। प्रत्येक आर्यवीर को इस अद्वितीय अवसर का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।
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