सनातन वैदिक धर्म का प्रसार और सामाजिक जागरण का महायज्ञ
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में आर्य समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। ऋषि दयानंद सरस्वती द्वारा प्रवर्तित इस महान संगठन का उद्देश्य वेदों के शाश्वत ज्ञान का प्रचार-प्रसार कर मानव मात्र को सन्मार्ग पर चलाना है। इसी कड़ी में आर्यसमाज सम्बलपुर अपना 58 वाँ वार्षिक महोत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मना रहा है।
इस पावन अवसर पर पञ्च कुण्डिय यज्ञ एवं विद्वानों के प्रवचन का आयोजन किया गया है, जिसमें अनेक विद्वान, संत-महात्मा, समाजसेवी एवं श्रद्धालु सम्मिलित होंगे। यह महोत्सव 23 मार्च 2025, रविवार को आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य
आर्य समाज का प्रमुख उद्देश्य “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” अर्थात् “सम्पूर्ण विश्व को आर्य (श्रेष्ठ) बनाना” है। इसी भावना के अनुरूप यह वार्षिक महोत्सव वैदिक धर्म के प्रचार, समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने और जीवन में यज्ञ, स्वाध्याय एवं सत्संग के महत्व को स्थापित करने के लिए आयोजित किया जाता है।
विशिष्ट विद्वानों की उपस्थिति
इस आयोजन में प्रतिष्ठित विद्वान एवं संतगण पधार रहे हैं, जो वेद, वेदान्त, उपनिषद, रामायण, महाभारत और कर्मकाण्ड के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालेंगे। इन विद्वानों में सम्मिलित हैं—
- स्वामी व्रतानन्द सरस्वती (गुरुकुल महाविद्यालय, आमसेना)
- श्री वासुदेव व्रती (छत्तीसगढ़) – वेद, उपनिषद, महाकाव्य एवं कर्मकाण्ड के प्रकाण्ड विद्वान
- श्री धनुर्द्धर महापात्र (महामन्त्री, पश्चिम ओडिशा आर्यसमाज)
इन विद्वानों के ओजस्वी प्रवचनों से वैदिक ज्ञान की गंगा प्रवाहित होगी, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करेंगे।

आर्यसमाज सम्बलपुर के पदाधिकारी गण
सम्बलपुर आर्यसमाज की कार्यकारिणी समिति इस महोत्सव को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसके प्रमुख सदस्य हैं—
- स्वामी व्रतानन्द सरस्वती – स्थायी सभापति
- श्री गोपाल राबल – उपदेष्टा
- श्री धनुर्द्धर महापात्र – उपदेष्टा
- श्री मनोरञ्जन वावु – कार्यकारी सभापति
- श्री सुरेनन्द्र मिश्र – उप सभापति
- श्री अवनि कुमार दण्डपाट – उप सभापति
- श्री मकरध्वज प्रधान – संपादक
- श्री भीमसेन साहु – कोषाध्यक्ष
- श्री नविन पटेल, श्री अवकाश वारिक – पूर्त्त विभाग अधिकारी
- श्री दशरथ मेहेर, श्री सृष्टिचन्द्र नायक, श्री राम नारायण वहिदार, श्री भक्त बन्धु प्रधान, श्री प्रयाग साहु – अन्तरंग सदस्य
- श्री सुवास नन्द – छात्रावास अधिकारी
- श्रीमति संयुक्ता साहु, श्रीमति कविता दण्डपाट – महिला उपदेष्टा
सांस्कृतिक विभाग का विशेष सहयोग पतञ्जलि परिवार, सम्बलपुर द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम-सूची
वार्षिक महोत्सव का आयोजन निम्नलिखित समयानुसार होगा—
23 मार्च 2025, रविवार
- प्रातः 7.30 – ओ३म् ध्वजोत्थापन
- प्रातः 8.00 – 9.30 – पञ्च कुण्डिय यज्ञ
- प्रातः 9.30 – 10.00 – प्रातःराश
- पूर्वाह्न 10.00 – 1.30 – भजन एवं विद्वानों के प्रवचन
- अपराह्न 1.30 – प्रसाद सेवन
- अपराह्न 2.30 – 3.00 – वज्रासन एवं ध्यान अभ्यास
- अपराह्न 3.00 – 5.30 – भजन एवं प्रवचन
- संध्या 5.30 – 6.00 – संध्याकालीन हवन
- संध्या 6.00 – 7.00 – ब्रह्मोपासना
- संध्या 7.00 – 8.00 – प्रवचन एवं शांतिपाठ के साथ समापन
- रात्रि 8.00 – रात्रि प्रसाद सेवन

महत्व और अपेक्षाएँ
इस आयोजन का मूल उद्देश्य समाज में वैदिक धर्म और संस्कृति की पुनर्स्थापना करना है। यह महोत्सव न केवल आध्यात्मिक उन्नति का साधन है, बल्कि यह सामाजिक संगठन, नैतिक उत्थान और वैदिक ज्ञान के प्रचार का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करता है।
सभी आर्यजन, धर्मप्रेमी बन्धु और श्रद्धालु इस पवित्र आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होकर यज्ञ एवं सत्संग का लाभ उठाएँ और धर्मकार्य को सफल बनाने में सहयोग दें।
संपर्क सूत्र
अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित सम्पर्क सूत्रों पर सम्पर्क करें—
📞 9438385088,9438625700,6370147560,9937115034
आयोजक
आर्यसमाज सम्बलपुर
(सभापति – स्वामी व्रतानन्द सरस्वती)
(संपादक – श्री मकरध्वज प्रधान)
आप सभी सादर आमंत्रित हैं!
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