आर्य समाज मंदिर मानसरोवर पार्क, शाहदरा का 40वाँ वार्षिकोत्सव : वैदिक संस्कृति का अनुपम आयोजन
आर्य समाज मंदिर (पंजी.), जे-52, मानसरोवर पार्क (रमन भट्ट भवन), शाहदरा, दिल्ली — जो दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा से सम्बद्ध है — ने 18 अप्रैल से 20 अप्रैल 2025 तक अपना 40वाँ वार्षिकोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक गरिमा के साथ आयोजित किया। यह वार्षिकोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि वैदिक संस्कृति, भजन-प्रवचनों एवं यज्ञीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
प्रमुख विशेषताएँ
इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई देश के प्रतिष्ठित वैदिक विद्वान प्रो. सत्यदेव निगमालंकार (अध्यक्ष, स्वामी श्रद्धानंद वैदिक शोध संस्थान, गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार) ने, जिनके प्रवचनों से श्रोतागण वैदिक ज्ञान, जीवन मूल्यों एवं आत्मोत्थान से अभिभूत हुए। साथ ही, सुप्रसिद्ध आर्य भजनोपदेशक पं. अनिल दत्त नादान ने अपने सुमधुर भजनों से वातावरण को भावविभोर कर दिया।
यज्ञ और दैनिक कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत 18 अप्रैल को प्रातःकाल यज्ञ से हुई, जिसकी यज्ञ ब्रह्मा की भूमिका में पं. रोहित आर्य विद्यालंकार उपस्थित रहे। प्रतिदिन प्रातः 7:30 से 9:30 तक यज्ञ, भजन और प्रवचनों का आयोजन हुआ, जबकि संध्याकाल में भी 6:30 से 8:30 तक भजन एवं वैदिक प्रवचन हुए। आयोजन की नियमितता और वैदिक विधानों के अनुरूप निष्पादन ने सभी श्रद्धालुओं को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
पूर्णाहुति एवं समापन समारोह
20 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके उपरांत आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथियों ने भी शिरकत की, जिनमें श्री जितेन्द्र महाजन (मान. विधायक, रोहताश नगर), श्री चन्द्रप्रकाश शर्मा (मान. निगम पार्षद), श्री प्रवेश शर्मा (पूर्व निगम पार्षद) और डॉ. संजय सिंह (HOD, योग विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा) शामिल थे।
संगोष्ठी में पं. अनिल दत्त नादान और प्रो. निगमालंकार के विचारों ने समाज को आत्म-निर्माण, चरित्र-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा दी। इसके पश्चात् “शांति पाठ” और ऋषि लंगर का आयोजन हुआ जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण किया।
सहयोग की भावना

आर्य समाज की परंपरा के अनुसार, यह आयोजन जन-सहयोग और सेवाभाव से संपन्न हुआ। अनेक दानदाता एवं सेवाभावी जनों ने यज्ञ सामग्री, घी, आम की समिधा, लंगर सामग्री आदि में योगदान देकर आयोजन को सफल बनाया। प्रधान श्री कपिल देव त्यागी, मंत्री डॉ. संदीप कुमार उपाध्याय, कोषाध्यक्ष श्री फूलचन्द आर्य तथा समस्त समिति के समर्पण से यह कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित एवं प्रभावशाली रहा।
निष्कर्षतः, यह वार्षिकोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह वैदिक जीवनशैली, सामाजिक समरसता और आत्मिक चेतना का जागरण भी सिद्ध हुआ। ऐसे आयोजनों से समाज को दिशा मिलती है और वैदिक ध्वनि जनमानस में प्रतिध्वनित होती है। आर्य समाज मानसरोवर पार्क का यह सतत प्रयास सराहनीय है, जो भावी पीढ़ी को वैदिक संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
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