आर्य समाज संस्थाओं के लिए विशेष निर्देश

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Arya Samaj ki sabhi sansthaon ke liye nirdesh

आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष: उत्सव के प्रमुख कार्यक्रम

भूमिका
आर्य समाज की स्थापना महर्षि दयानंद सरस्वती ने 1875 में की थी। 2025 में इसके 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे विशेष रूप से मनाने की योजना बनाई जा रही है। सभी आर्य समाज मंदिरों और संस्थाओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर को यादगार बनाने के लिए कुछ विशेष कार्यक्रम आयोजित करें।

क्या किया जाए?

  1. भवनों की सजावट: आर्य समाज के भवनों को साफ-सुथरा कर सजाया जाए।
  2. होर्डिंग्स एवं बैनर: प्रमुख स्थानों और मंदिरों के बाहर आर्य समाज के 150 वर्ष पूरे होने की जानकारी वाले होर्डिंग लगाए जाएँ।
    • होर्डिंग डिज़ाइन डाउनलोड करने के लिए: bit.ly/30MarDesign
  3. ध्वजारोहण: पुराने ध्वज बदलकर नए “ओ३म ध्वज” लगाए जाएँ।
  4. वृहद यज्ञ एवं सत्संग:
    • 30 मार्च 2025 को विशेष यज्ञ और सत्संग का आयोजन हो।
    • इसमें आर्य समाज के उद्देश्यों और महर्षि दयानंद के विचारों पर चर्चा की जाए।
  5. सोशल मीडिया प्रचार:
    • सत्संग में ली गई सामूहिक फोटो को #AryaSamaj150 के साथ सोशल मीडिया पर साझा करें।
  6. साहित्य एवं प्रसाद वितरण: आर्य समाज के बाहर आम जनता के लिए धार्मिक साहित्य और प्रसाद का वितरण किया जाए।
  7. लाइव प्रसारण:
    • 29-30 मार्च 2025 को मुंबई में होने वाले मुख्य उत्सव का आर्य संदेश टीवी पर लाइव प्रसारण होगा।
    • इसे JioTV और PlayboxTV पर भी देखा जा सकता है।

निष्कर्ष

आर्य समाज की 150वीं वर्षगांठ एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे हर आर्य समाज मंदिर अपने स्तर पर मनाए। ये कार्यक्रम भव्य न होकर, सरल और प्रभावी हों, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें और आर्य समाज के संदेश को आगे बढ़ाया जा सके।