आर्य समाज कैथी का 30वाँ वार्षिकोत्सव : सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)

0
14

आर्य समाज कैथी जलालपुर का 30वाँ वार्षिकोत्सव

युग प्रवर्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती को समर्पित त्रिदिवसीय वैदिक महोत्सव

जन्म: सन् 1824 ई०
निर्वाण: सन् 1883 ई०
दयानन्दाब्द: 201
विक्रम संवत्: 2082


सादर आमंत्रण

मान्यवर, नमस्ते!

आपको यह जानकर अत्यन्त हर्ष होगा कि आर्य समाज कैथी जलालपुर का 30वाँ वार्षिकोत्सव फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी, द्वादशी एवं त्रयोदशी, विक्रम संवत् 2082 तदनुसार 13, 14 एवं 15 फरवरी 2026 (शुक्रवार, शनिवार, रविवार) को बड़े हर्षोल्लास एवं वैदिक रीति से मनाया जाएगा।

इस पावन अवसर पर आप सपरिवार, इष्ट-मित्रों एवं परिजनों सहित पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करें और उत्सव की शोभा बढ़ाएँ — यही हमारी विनम्र प्रार्थना है।


कार्यक्रम स्थल

आर्य समाज मंदिर, कैथी जलालपुर
अखण्ड नगर रोड, सुलतानपुर (उ० प्र०)


आमंत्रित वैदिक विद्वान

  1. वानप्रस्थी श्री सुचि सद् मुनि जी – वैदिक प्रवक्ता
    (वेद-वेदांग गुरुकुल, धनपतगंज)
  2. श्रीमती गीता जी आर्या – भजनोपदेशिका, बहराइच
  3. पं० श्री नरेन्द्र दत्त जी आर्य – भजनोपदेशक, विजनैर

उत्सव कार्यक्रम (त्रिदिवसीय)

13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)

प्रातः 8:00 – 12:00 बजे
यज्ञ, ध्वजारोहण, भजन एवं प्रवचन

दोपहर 2:00 – 5:00 बजे
भजन एवं प्रवचन

सायं 7:00 – रात्रि 10:00 बजे
संध्या, भजन एवं प्रवचन


14 फरवरी 2026 (शनिवार)

प्रातः 8:00 – 12:00 बजे
यज्ञ, भजन एवं प्रवचन

दोपहर 2:00 – 5:00 बजे
भजन एवं प्रवचन

सायं 7:00 – रात्रि 10:00 बजे
संध्या, भजन एवं प्रवचन


15 फरवरी 2026 (रविवार)

प्रातः 8:00 – 12:00 बजे
यज्ञ, भजन एवं प्रवचन

दोपहर 2:00 – 5:00 बजे
भजन एवं प्रवचन

सायं 7:00 – रात्रि 10:00 बजे
भजन, प्रवचन एवं शंका समाधान


वैदिक प्रेरक वचन

त्वं हि नः पिता वसो, त्वं माता शतक्रतो बभूविथ।
हे प्रभु! आप ही हमारे पिता एवं माता हैं।

वि द्विषो वि म्यो जहि।
हमारी द्वेष एवं हिंसात्मक वृत्तियों का नाश करें।

प्राणाय नमो यस्य सर्वमिदं वशे।
उस प्राण को नमस्कार, जिसके अधीन यह सम्पूर्ण जगत है।

त्वं नो मेधे प्रथमा।
हे बुद्धि! आप हमारे लिए सर्वोपरि बनें।

तस्मात् पूर्वी नाश्नीयात्।
अतिथि से पूर्व स्वयं भोजन न करें।


आवश्यक निर्देश

  1. स्त्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था रहेगी।
  2. कार्यक्रम में आवश्यकतानुसार परिवर्तन का अधिकार प्रधान को सुरक्षित रहेगा।
  3. मंदिर परिसर में धूम्रपान पूर्णतः निषिद्ध है।

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶