आर्य समाज का 91वाँ वार्षिक महोत्सव एवं वैदिक समारोह : आर्यनगर, हिसार

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आर्य समाज, जो महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी के पावन संदेश “वेदों की ओर लौटो” पर आधारित है, आज भी समाज में ज्ञान, संस्कार और जागरूकता की ज्योति प्रज्वलित किए हुए है। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आर्य समाज का 91वाँ वार्षिक महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक भव्य मंच है।


महोत्सव का भव्य शुभारंभ एवं शोभा यात्रा

महोत्सव का शुभारंभ 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार को एक भव्य शोभा यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा सायं 3:30 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।

जलघर प्रांगण से आरंभ होने वाली यह शोभा यात्रा पूरे गांव की मुख्य गलियों से होकर गुजरेगी और अंत में आर्य समाज मंदिर में सम्पन्न होगी। ढोल-नगाड़ों, धार्मिक ध्वजाओं, वैदिक नारों और भक्तिमय वातावरण के बीच यह यात्रा पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगी।


दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम (4 व 5 अप्रैल)

मुख्य महोत्सव 4 और 5 अप्रैल को दो दिवसीय विशेष कार्यक्रमों के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें वैदिक अनुष्ठान, भजन, प्रवचन और सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।

प्रथम दिवस – 4 अप्रैल (शनिवार)

प्रातः 9:00 बजे से ऋषि यज्ञ (हवन) एवं भजनों का शुभारंभ होगा।
रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक विशेष भजन एवं उपदेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्वान वक्ता अपने प्रेरणादायक विचारों से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देंगे।

द्वितीय दिवस – 5 अप्रैल (रविवार)

दूसरे दिन प्रातःकालीन वैदिक कार्यक्रमों के पश्चात दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक महिला सम्मेलन का विशेष आयोजन होगा। इस सम्मेलन में महिलाओं की समाज निर्माण में भूमिका, संस्कार शिक्षा तथा “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
रात्रि में भजन और प्रवचन के साथ महोत्सव का भव्य समापन होगा।


आमंत्रित विद्वान एवं विशिष्ट अतिथि

इस पावन अवसर पर आर्य जगत के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान और संतजन अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

  • स्वामी आदित्य वेश जी
    (प्रधान, सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद)
  • आचार्य पं. रामस्वरूप जी शास्त्री
    (पूर्व कुलपति)
  • पं. मानसिंह जी पाठक
  • ईश आर्य जी

भजनोपदेश हेतु:

  • श्री कुलदीप जी आर्य (बिजनौर)
  • बहन कल्याणी आर्या जी
  • पं. रामकुमार आर्य (टोकस)

साथ ही क्षेत्र के गणमान्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधि भी इस आयोजन की शोभा बढ़ाएंगे।


आर्य समाज के 10 नियम: जीवन का प्रकाश मार्ग

आर्य समाज के 10 नियम केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग हैं। ये नियम हमें सत्य, धर्म, ज्ञान और परोपकार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

  • परमेश्वर सब सत्य विद्याओं का मूल है।
  • ईश्वर निराकार, सर्वशक्तिमान और दयालु है।
  • वेद सत्य ज्ञान का स्रोत हैं।
  • सत्य को अपनाना और असत्य का त्याग करना चाहिए।
  • हर कार्य धर्म और विवेक के अनुसार होना चाहिए।
  • विश्व कल्याण ही मुख्य उद्देश्य है।
  • सभी के साथ प्रेम और न्यायपूर्ण व्यवहार करें।
  • अज्ञानता का नाश कर ज्ञान बढ़ाएं।
  • सबकी उन्नति में अपनी उन्नति समझें।
  • समाज हित के नियमों का पालन करें।

समाज सुधार और सांस्कृतिक चेतना का संदेश

यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वासों और अशिक्षा के विरुद्ध जागरूकता का संदेश भी देता है। आर्य समाज सदैव शिक्षा, नारी सम्मान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा है।


निष्कर्ष

आर्य समाज का यह 91वाँ वार्षिक महोत्सव हमें वैदिक संस्कृति, सत्य, धर्म और समाज सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आइए, हम सभी इस पावन आयोजन का हिस्सा बनें और महर्षि दयानंद सरस्वती जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने में अपना योगदान दें।

पता: आर्य समाज मंदिर, आर्यनगर, हिसार
सुभाष गेट से चलकर पंचायत भवन से थोड़ा आगे

संपर्क सूत्र: 85290-64013, 94164-38705, 98123-90758

ओ३म् शम्।


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