आर्य समाज गोविंदपुरम का 23वाँ वार्षिकोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक सम्पन्न
वैदिक जीवन पद्धति अपनाने से राष्ट्रोन्नति सम्भव – आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री
आर्य समाज राष्ट्र रक्षा का सजग प्रहरी – ज्ञानेंद्र मलिक
वैदिक मार्ग से व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र की रक्षा सम्भव – आचार्य चन्द्र पाल शास्त्री
गाजियाबाद, रविवार, 16 नवम्बर 2025:
आर्य समाज गोविंदपुरम के तत्वावधान में आयोजित 23वें त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव का समापन हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ हुआ। उत्सव के अंतर्गत सहारनपुर से पधारे आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री के ब्रह्मत्व में महायज्ञ सम्पन्न हुआ।
आज के मुख्य यज्ञमान रहे—
उत्कर्ष तितानीयां–प्राची तितानीयां, विशेष मलिक–रितु मलिक, अनिल कुमार धामा–अनिका धामा, रोहित आर्य–साक्षी आर्या, यज्ञदत्त शर्मा–ममता शर्मा।







वैदिक जीवन पद्धति ही राष्ट्र उत्थान का आधार – आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री
आशीर्वचन देते हुए आचार्य वीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय वैदिक संस्कृति अपने अस्तित्व के लिए संघर्षरत है। जब तक हम वैदिक जीवन-दर्शन के सूत्रों को अपने आचरण में नहीं अपनाएँगे, तब तक सफलता सम्भव नहीं।
उन्होंने यह भी आह्वान किया कि—
“युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक भी अपनी शेष ऊर्जा और समय को राष्ट्र एवं समाज सेवा में लगाएँ, तभी जीवन सार्थक बनेगा।”
देश की रक्षा जय जवान व जय किसान करते हैं – भजनोपदेशक
बिजनौर से पधारे प्रसिद्ध भजनोपदेशक मोहित शास्त्री एवं प्रवीण आर्य ने ओजस्वी राष्ट्रभक्ति भजनों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान को उजागर किया। शास्त्री जी ने कहा—
“राष्ट्र की रक्षा का आधार जवान और किसान हैं; इनका सम्मान और सहयोग देश का कर्तव्य है।”
राष्ट्र रक्षा सम्मेलन : वैदिक जीवन पद्धति ही सुरक्षित मार्ग – आचार्य चन्द्र पाल शास्त्री
वैदिक विद्वान आचार्य चन्द्र पाल शास्त्री ने राष्ट्र रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र – तीनों की रक्षा वैदिक पद्धति से ही सम्भव है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
- भारतीय जन, भारतीय संस्कृति, तथा भारतीय भूमि इन तीनों का समन्वय राष्ट्र कहलाता है।
उन्होंने कहा:
“राष्ट्र मनुष्यों से बनता है, और मनुष्य तभी आदर्श बनता है जब वह विचारशील हो। जब व्यक्ति विचारशील होगा, तभी राष्ट्र रक्षा सम्भव होगी।”
आर्य समाज राष्ट्र रक्षा का जागरूक प्रहरी – ज्ञानेंद्र मलिक
समारोह के मुख्य अतिथि, आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मलिक ने सुंदर आयोजन हेतु धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा—
“आर्य समाज द्वारा राष्ट्र रक्षा सम्मेलन आयोजित करना इस बात का प्रमाण है कि आर्य समाज राष्ट्र हित के प्रति सजग है। देश की आजादी के आंदोलन में 80% आर्य समाजी जेल गए थे। इसलिए आर्य समाज के प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है कि वे संगठित होकर राष्ट्र हित में कार्य करें।”
राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर पैनी नजर आवश्यक – सत्यवीर चौधरी
अति विशिष्ट अतिथि सत्यवीर चौधरी ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं, परंतु देश के अंदर सक्रिय राष्ट्रविरोधी शक्तियों की पहचान कर उन्हें कमजोर करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
युवाओं को दृढ़ बनाना समय की आवश्यकता – तेजपाल सिंह
अध्यक्षता कर रहे तेजपाल सिंह ने युवाओं को सशक्त बनाने एवं धर्म-संस्कृति को दृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा—
“जब हम अपने धर्म और संस्कृति को मजबूत रखते हैं, तब राष्ट्रविरोधी ताकतें हमें क्षति नहीं पहुँचा सकतीं।”
संचालन एवं धन्यवाद
कार्यक्रम का सफल संचालन मधुकर गुप्ता ने किया।
प्रधान पूनम चौधरी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य रूप से—
आचार्य भगवान देव शास्त्री, डॉ. प्रमोद सक्सेना, नरेन्द्र पांचाल, वी.के. धामा, लक्ष्मण सिंह चौहान, सुमन चौहान, महीपाल सिंह तोमर, कृपाल सिंह वर्मा, विजेन्द्र सिंह खोखर, सुन्दर सिंह, बीना त्यागी, हरीश सूरी, मुरारी लाल, कुसुम सिरोही, आराधना सिंह, ऋचा सूद आदि गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं प्रीतिभोज के साथ हुआ।
साभार – प्रवीण आर्य
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