आर्य परिवार मंगल मिलन समारोह एवं यज्ञ होली मिलन समारोह
प्रस्तावना
आर्य समाज अपने स्थापना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, और इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर, दुर्ग में आर्य परिवार मंगल मिलन समारोह एवं यज्ञ होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को एकजुट करना, वैदिक संस्कृति का प्रचार करना एवं आर्य समाज के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।
कार्यक्रम का महत्व
होली न केवल रंगों का पर्व है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर यज्ञ का आयोजन करना पवित्रता, सकारात्मक ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। मनुस्मृति के अनुसार—
“यज्ञ शिष्टाशिनं होतत् सतान्नं विधीयते ।।”
अर्थात, जो व्यक्ति यज्ञ का शेष भाग ग्रहण करता है, वह पुण्य का भागी होता है। यह श्लोक दर्शाता है कि यज्ञ केवल आध्यात्मिक उन्नति का साधन नहीं, बल्कि यह सात्त्विक आहार और शुद्धता को भी बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
- दिनांक : 13 मार्च 2025 (फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा)
- समय : संध्या 5 बजे
- स्थान : आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर, दुर्ग
- आयोजक : आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर, दुर्ग
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
- वैदिक हवन एवं यज्ञ – पर्यावरण शुद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति हेतु।
- होली मिलन समारोह – रंगों के इस पर्व को वैदिक संस्कृति के अनुरूप मनाया जाएगा।
- आर्य समाज के 150 वर्ष का उत्सव – आर्य समाज के गौरवशाली इतिहास पर विचार-विमर्श।
- संस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या – आर्य समाज के भजन एवं वैदिक मंत्रों का संगीतमय प्रस्तुतीकरण।
आर्य समाज और यज्ञ का महत्व
आर्य समाज हमेशा से वेदों के प्रचार-प्रसार और समाज सुधार के लिए अग्रसर रहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा प्रवर्तित यह संस्था अंधविश्वास, जातिवाद एवं सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष करती आई है। यज्ञ, जो आर्य समाज की मूल परंपराओं में से एक है, न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यज्ञ के लाभ :
- पर्यावरण की शुद्धि
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
- सामाजिक एकता और समरसता
- स्वास्थ्य लाभ एवं रोग निवारण
सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध
आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर, दुर्ग द्वारा आयोजित इस मंगलमय कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँ और वैदिक संस्कृति को आत्मसात करें।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।”
– आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर, दुर्ग
🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶
.










