अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं महर्षि दयानन्द जयंती पर भव्य यज्ञ संपन्न:

0
26
Antarrastriya mahila diwas evn maharshi Dayanand jayanti per Bhavya yagya sampann 2025

गाजियाबाद, 8 मार्च 2025

वेद प्रचार परिषद के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं स्वामी दयानंद की 201वीं जयंती के अवसर पर बहुकुण्डीय महायज्ञ का आयोजन सैक्टर-2बी, वसुंधरा में किया गया। यह आयोजन डा. आर. के. आर्य (निदेशक, स्वदेशी आयुर्वेद, हरिद्वार) की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

🔹 अष्टांग योग को अपनाने से ही परमात्मा का साक्षात्कार सम्भव – डॉ. सुधा राणा 🧘‍♀️
🔹 पंच महायज्ञ एवं वेद मार्ग पर चलने से ही मानव कल्याण – महेन्द्र भाई 🌿📜
🔹 स्वामी दयानंद ने अज्ञान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, जिसे आर्यों को जारी रखना होगा – डॉ. आनंद कुमार ✨

Antarrastriya mahila diwas evn maharshi Dayanand jayanti per Bhavya yagya sampann 2025

भजन संध्या में भक्तिभाव का संचार


कार्यक्रम में प्रदीप आर्य, देवेन्द्र गुप्ता, कौशल किशोर पाण्डेय, ममता चौहान एवं मृदुल अग्रवाल ने भजन प्रस्तुत किए, जिनकी मधुर ध्वनि ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।

महायज्ञ एवं वेद महिमा


महायज्ञ का ब्रह्मत्व आचार्य महेन्द्र भाई ने किया। उन्होंने पंच महायज्ञ एवं वेद मार्ग को मानव कल्याण का आधार बताया और स्वामी दयानंद के जीवन को प्रेरणा स्रोत मानने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि स्वामी जी ने 22 वर्ष की आयु में घर छोड़कर सच्चे शिव की खोज में निकलकर गुरु विरजानंद जी से सत्यज्ञान प्राप्त किया और जीवनभर सत्य का प्रचार किया।

Antarrastriya mahila diwas evn maharshi Dayanand jayanti per Bhavya yagya sampann 2025

अष्टांग योग की महत्ता


विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधा राणा (अध्यक्ष, वैदिक योग समिति) ने महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए योग एवं ध्यान का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पतंजलि के अष्टांग योग को अपनाने से ही परमात्मा का साक्षात्कार सम्भव है और पंचतत्वों के संतुलन से ही आत्मोन्नति होती है।

अज्ञान के खिलाफ स्वामी दयानंद का संघर्ष


डॉ. आनंद कुमार (अध्यक्ष, राष्ट्र निर्माण पार्टी) ने कहा कि महर्षि दयानंद ने दुनिया में पहला युद्ध अज्ञान के खिलाफ छेड़ा था। उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश में मानव जीवन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान दिया और सत्य को ही जीवन का सार बताया।

समाजसेवा और संस्कारों का महत्व


मुख्य अतिथि विनोद त्यागी ने कहा कि हमें महर्षि दयानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और अपनी कथनी और करनी में भेद नहीं रखना चाहिए।

संस्कार, संगति और व्यवहार पर बल

Antarrastriya mahila diwas evn maharshi Dayanand jayanti per Bhavya yagya sampann 2025


डा. आर. के. आर्य ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि अगर हम संस्कार, संगति और व्यवहार को सही रखेंगे तो विश्व में शांति स्थापित हो सकेगी।

कार्यक्रम संचालन और समापन


मंच संचालन यज्ञवीर चौहान (प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय आर्य युवक परिषद, गाजियाबाद) ने किया, जबकि वेद प्रचार परिषद की अध्यक्षा श्रीमती ममता चौहान ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

विशेष उपस्थित गणमान्य


इस अवसर पर प्रदीप आर्य, संजय गुप्ता, डा. प्रमोद सक्सेना, शकुंतला आर्या, प्रीति चौहान, दिग्विजय सिंह, वेद प्रकाश आर्य, विनोद कुमार मांगलिक, सुरेश सैनी, कुसुम गोयल, विनीत आर्य, लक्ष्मण सिंह चौहान, सुमन चौहान, सविता सिंह और रागनी भगत समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।

🔚 कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ एवं ऋषि लंगर के साथ किया गया।

साभार- प्रवीण आर्य

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶

.