आनन्दरूप भगवन्
किस भाँति तुमको पाऊँ
तेरे समीप स्वामी
किस तरह से मैं आ पाऊँ
गङ्गा है तेरी दासी
है इन्द्र तेरा सेवक
तेरे शरीर पर क्या
दो बूँद जल चढ़ाऊँ
आनन्दरूप भगवन्
किस भाँति तुमको पाऊँ
श्री-लक्ष्मी सदा है
निशदिन चरण की चेरी
तांबे का एक पैसा
मैं नाथ क्या चढ़ाऊँ
आनन्दरूप भगवन्
किस भाँति तुमको पाऊँ
छोटे से दास तेरे
रवि-चन्द्र हैं उपस्थित
नित करते हैं उजाला
धृत-दीप क्या जलाऊँ
आनन्दरूप भगवन्
किस भाँति तुमको पाऊँ
अनुपम छबि छबीले,
बिन रङ्ग, रस रँगीले
कण्टक सखा है फुलवा
क्या तेरे सर चढ़ाऊँ
आनन्दरूप भगवन्
किस भाँति तुमको पाऊँ
तेरे समीप स्वामी
किस तरह से मैं आ पाऊँ
आनन्दरूप भगवन्
आनन्दरूप भगवन्










