ऐ दो हाथों वाले मानव श्रम से न घबराया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव
श्रम से न घबराया कर।
सौ सौ हाथों की ताकत से
धन को खूब कमाया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव…….
सौ हाथों की तरह कमाकर।
बाँटो हाथ हज़ार उठाकर।
मानव जीवन सफल बना लो
दान भावना को अपना कर।
देश काल और पात्र देखकर
निज कर्त्तव्य निभाया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव……..
होवे तेरा दान निराला।
अन्धकार को हरने वाला।
सद्विद्या की वृद्धि होवे फैले
चारों ओर उजाला।
शुभ कर्मों की शुभ सुगन्ध से
जीवन को महकाया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव………
खुशियों से भरपूर रहेगा।
सदा चमकता नूर रहेगा।
बना रहेगा यश का भागी
अपयश कोसों दूर रहेगा।
अपने निर्मल दान के बदले
वरदानों को पाया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव…….
सदा पवित्र कमाई करना।
परोपकार भलाई करना।
मेहनत से पीछे मत हटना
जग से नष्ट बुराई करना।
‘पथिक’ समझकर बात
वेद की औरों को समझाया कर।
ऐ दो हाथों वाले मानव……..










