अच्छे बच्चे ही जगत में सारे चमके ।
अच्छे बच्चे ही
जगत में सारे चमके ।
जैसे चन्दा चमके
जैसे तारे चमके ।।
अच्छी बात जहां मिल जाये,
उसे करो स्वीकार।
बुरी बात को सदा,
छोड़ने को रहना तैयार ।।
मात पिता की आज्ञा पालन,
जो श्रद्धा से करते।
उन बच्चों की सब खुशियों से,
प्रभु झोलियां भरते ।।
नित्य नियम से मात पिता
की चरण-धूल जो लेते।
दुख तकलीफें रोग-शोक फिर,
उन्हें कष्ट नहीं देते ।।
जहां अपूज्यों की पूजा हो,
पूज्यों का अपमान।
वहां अकाल पड़े मृत्यु और
भय का चले तूफान ।।
बड़े बुजुर्गों की सेवा,
जो करे झुका कर माथ।
आयु, विद्या, यश, बल रहते,
सदा उन्हीं के साथ ।।
बड़ों की सेवा करके हो गये,
कितने लोग महान।
“पथिक” प्रभु श्री रामचन्द्र,
श्रीकृष्णचन्द्र भगवान ।।










