आचार्या लज्जावती जी

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यह घटना कन्या महाविद्यालय, जालंधर की है। इसकी आचार्या कु. लज्जावती जी प्रखर राष्ट्रवादी थीं।इन्होंने ही भगत सिंह पर चले प्रसिद्ध बम केस का डिफ़ेंस केस प्रिवी काउंसिल तक लड़ा।

जब तिरंगा फहराने पर भारतीयों पर मुकदमे चल जाते थे उस समय कन्या महाविद्यालय में प्रतिदिन तिरंगा फहराया जाता था और प्रत्येक सोमवार छात्राओं द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन होता था।1905 में रूस-जापान युद्ध के समय छात्राओं ने धन एकत्र कर जापान की सहायता हेतु भेजा।

1906 में कांग्रेस सहायता कोष में योगदान दिया गया। 1913 में गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका सत्याग्रह हेतु 150 रुपये भेजे गए।(उस समय 18 रुपए का 10 ग्राम सोना मिल जाता था आप अनुमान लगाइए 150 की कीमत क्या रही होगी) 1922–23 में लाला लाजपत राय के धर्मशाला जेल में रहने पर छात्राओं ने अपने हाथों से सूत कातकर उनके लिए वस्त्र और राखी भेजी। उत्तर में लाला जी ने आशीर्वाद दिया—“ईश्वर तुममें पद्मिनी सरीखा सौंदर्य, सीता सरीखा नैतिक बल और लक्ष्मीबाई सरीखी देशभक्ति प्रदान करे।”

नमन है कु. लज्जावती जी को जिनके नेतृत्व में ये सभी कार्य हुए।

Note–उपर्युक्त चित्र वास्तविक नहीं है। हम सभी का दुर्भाग्य है कि, वर्तमान में कुमारी लज्जावती जी का चित्र उपलब्ध नहीं है।