वैदिक धर्म सम्मेलन एवं तृतीय वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन : सहारनपुर

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भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा वेदों में निहित है। इन्हीं वैदिक परंपराओं को पुनः जागृत करने तथा समाज को नैतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से महर्षि कणाद वैदिक संस्कृत गुरुकुल, चको द्वारा एक भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन वैदिक धर्म सम्मेलन एवं गुरुकुल के तृतीय वार्षिकोत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जो न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि समाज को जागरूक और संगठित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।

इस कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 29 मार्च 2026 को किया जा रहा है, जिसमें देशभर से वैदिक विद्वान, आचार्यगण, समाजसेवी एवं धर्मप्रेमी जन एकत्रित होंगे। इस अवसर पर वैदिक ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रनिर्माण एवं सामाजिक एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:-

  • कार्यक्रम का नाम: वैदिक धर्म सम्मेलन एवं तृतीय वार्षिकोत्सव
  • आयोजन तिथि: 29 मार्च 2026 (रविवार)
  • यज्ञ प्रारंभ का समय: प्रातः 07:30 बजे
  • सम्मेलन प्रारंभ का समय: प्रातः 09:00 बजे
  • कार्यक्रम स्थल: ग्राम चको (गुरुकुल प्रांगण), पोस्ट कम्बोह माजरा, तहसील बेहट, जिला सहारनपुर – 247121

इस पावन अवसर पर अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगी।
मुख्य अतिथि के रूप में श्री जितेन्द्र भाटिया जी उपस्थित रहेंगे, जो आर्यवीर दल उत्तर प्रदेश के प्रमुख प्रतिनिधि हैं। उनके विचार युवाओं में राष्ट्रभक्ति एवं अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित करेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आचार्य विरेंद्र शास्त्री जी होंगे, जो अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं। वे वैदिक सिद्धांतों के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने की दिशा बताएंगे।

इसके अतिरिक्त, आचार्य पंकज आर्य जी कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन करेंगे, जबकि आचार्य पियूष आर्य (रत्न) जी आयोजन की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाएंगे।
भजनोपदेश के माध्यम से पंडित ऋषिपाल पथिक जी वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण करेंगे।

यह आयोजन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा, जहां उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैदिक शिक्षा का प्रसार, समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना, तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करना है।

गुरुकुल द्वारा संचालित इस प्रकार के आयोजन समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं, जहां शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में लागू होती है। यह सम्मेलन समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर एकता, संस्कार और सहयोग की भावना को बढ़ावा देगा।

अतः सभी धर्मप्रेमी, राष्ट्रप्रेमी एवं समाज के जागरूक नागरिकों से विनम्र निवेदन है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाएं तथा इसे सफल बनाएं।

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