आर्य समाज रांची का 131वाँ वार्षिकोत्सव एवं स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस:
भव्य शोभायात्रा व शस्त्र-प्रदर्शन
प्रस्तावना :
आर्य समाज रांची के 131वें वार्षिकोत्सव एवं स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस के पावन अवसर पर रांची नगर में एक भव्य एवं अनुशासित शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन वैदिक परंपरा, राष्ट्रभावना और युवाशक्ति के चरित्र निर्माण का प्रेरक उदाहरण बना।

शोभायात्रा का स्वरूप :
शोभायात्रा में आर्य समाज के सिद्धांतों, वैदिक संस्कारों और राष्ट्रसेवा के संदेशों का जीवंत प्रदर्शन हुआ। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती इस यात्रा में आर्य जनों की सहभागिता ने वातावरण को ओजस्वी और संस्कारमय बना दिया।
विद्यालयों के विद्यार्थियों का शस्त्र-प्रदर्शन :
आर्य ज्ञान प्रचार समिति द्वारा संचालित विद्यालयों—
- डी ए वी नंदराज पब्लिक स्कूल
- मॉडर्न स्कूल
- महात्मा एवं डी ग्रोवर पब्लिक स्कूल
के विद्यार्थियों ने अनुशासन, साहस और कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया।
विशेष रूप से डी ए वी नंदराज पब्लिक स्कूल की गुरुकुलीय छात्राओं द्वारा लाठी, तलवार, भाला, गटका चक्र जैसे प्राचीन शस्त्रों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
यह प्रदर्शन व्यायाम शिक्षक सौरभ आर्य जी के कुशल एवं सुरक्षित नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसने नारी सशक्तिकरण और आत्मरक्षा का सशक्त संदेश दिया।


विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति :
इस अवसर पर दूर-दराज से पधारे विद्वानों एवं आर्य समाज के पदाधिकारियों की उपस्थिति आयोजन की शोभा बढ़ाने वाली रही। प्रमुख रूप से—
- पंडित जगत वर्मा जी
- आचार्य विष्णुमित्र जी
- राजेंद्र आर्य (प्रधान)
- अजय आर्य (मंत्री)
- संजय पोद्दार (कोषाध्यक्ष)
- एस एल गुप्ता (आजीवन संरक्षक)
- सुशीला गुप्ता जी
तथा आर्य समाज रांची के सदस्य अशोक पाठक जी एवं आर्यजनो की उपस्थिती रही।

आयोजन का महत्व :
यह कार्यक्रम स्वामी श्रद्धानंद जी के त्याग और राष्ट्रसेवा की स्मृति को नमन करते हुए युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, शौर्य और वैदिक मूल्यों के संवर्धन का सशक्त माध्यम बना। शस्त्र-प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि संस्कार और शक्ति का संतुलन ही सशक्त समाज की नींव है।
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