पंजाब नेशनल बैंक(PNB) एवं लाला लाजपत राय जी का संकल्प

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PNB: लाला लाजपत राय की सामाजिक उत्थान के लिए ऐतिहासिक पहल 🏦

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) आज भारत के प्रमुख बैंकों में से एक है, लेकिन इसका इतिहास और स्थापना एक प्रेरणादायक सामाजिक और राष्ट्रवादी संघर्ष का प्रतीक है। PNB की स्थापना 19 अप्रैल 1895 को लाला लाजपत राय द्वारा की गई थी, जो उस समय के प्रसिद्ध आर्यसमाजी नेता और शेर-ए-पंजाब के नाम से मशहूर थे। इस बैंक की स्थापना लाहौर के अनारकली बाजार में की गई थी, और इसके संस्थापक लोगों में लाला हरकिशन लाल, दयाल सिंह मजीठिया, लाला लालचंद, राय मूल राज, पारसी महोदय जेस्सावाला और बाबू काली प्रसन्न रोय जैसे महान व्यक्तित्व शामिल थे।

PNB की स्थापना का उद्देश्य 💡

1895 में ब्रिटिश राज के दौरान, देश में केवल अंग्रेजों द्वारा संचालित बैंक थे, जो भारतीयों का शोषण करते थे। अंग्रेज़ सरकार ने भारतीयों से कम ब्याज दर पर पैसा लिया और उच्च ब्याज दर पर उन्हें ऋण दिया। लाला लाजपत राय और उनके साथियों ने इस शोषण को देखकर भारतीय समाज के हित में एक स्वदेशी बैंक की स्थापना की योजना बनाई। स्वामी दयानंद सरस्वती के समाज सुधार आंदोलन से प्रेरित होकर, PNB की स्थापना का उद्देश्य था कि गरीब भारतीयों को साहूकारों और अंग्रेजों के अत्याचारों से मुक्त कराया जाए।

स्वदेशी आंदोलन का हिस्सा 🏛️

PNB ने अंग्रेज़ों से किसी प्रकार का सहयोग नहीं लिया, और यह बैंक पूरी तरह से स्वदेशी था। 2 लाख रुपये की धनराशि से इसकी शुरुआत की गई थी, और इसके उद्देश्य में भारतीय किसानों और निर्धन वर्ग को साहूकारों और अंग्रेज़ों से मुक्त कराना था। उस समय साहूकार भारतीय किसानों से मनमानी ब्याज दर वसूलते थे, और उन्हें ऋण का भुगतान करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

PNB की सफलता और सामाजिक परिवर्तन 🌍

लाला लाजपत राय और उनके साथियों का यह प्रयोग अत्यंत सफल रहा। शीघ्र ही पूरे पंजाब में PNB की शाखाएं फैल गईं और इसके द्वारा गरीबों को ऋण के जाल से मुक्ति मिली। PNB ने समाज के निर्धन वर्ग को आर्थिक सुरक्षा और न्याय प्रदान किया, जिससे वे साहूकारों और अंग्रेज़ों के शोषण से बाहर निकल सके।

सामाजिक सुधार का प्रभाव 📚

PNB की स्थापना केवल एक बैंक के रूप में नहीं थी, बल्कि यह एक सामाजिक सुधार का प्रतीक बन गया। लाला लाजपत राय की यह पहल समाज में बदलाव लाने के लिए एक प्रेरणा बनी। हालांकि, यह पहल इतिहास की किताबों में उतनी प्रसिद्ध नहीं हो पाई, जितनी होनी चाहिए थी। राजनीति और साम्यवादियों के कारण इस प्रकार के सामाजिक सुधारों को सही तरीके से मान्यता नहीं मिल पाई।

निष्कर्ष ✨

लाला लाजपत राय का यह महान कार्य केवल एक वित्तीय संस्थान की स्थापना तक सीमित नहीं था, बल्कि यह भारतीय समाज के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव था। उनकी पहल ने भारतीयों को साहूकारों और अंग्रेज़ों के अत्याचार से मुक्ति दिलाई और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण की दिशा में योगदान दिया। लाला लाजपत राय को उनके इस महान कार्य के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

इतिहास में PNB की स्थापना सामाजिक उत्थान कि एक प्रेरणादायक घटना है। लाला लाजपत राय को उनके इस महान पुरुषार्थ के लिए नमन।