आध्यात्मिक प्रवचन, ध्यान एवं शंका समाधान सत्र हर्षोल्लास से सम्पन्न
“ध्यान करने से आत्मा परमात्मा का मिलन व मोक्ष की प्राप्ति होती है।” – स्वामी विवेकानंद परिव्राजक
🧘 “ध्यानयोग से आत्मिक तथा मानसिक शक्तियों का विकास होता है।” – प्रवीण आर्य

📍 गाजियाबाद, 20 मार्च 2025 – आर्य समाज समर्पण शोध संस्थान, सेक्टर 5, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद में आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गाजियाबाद के प्रधान तेजपाल आर्य की अध्यक्षता में आध्यात्मिक प्रवचन, ध्यान एवं शंका समाधान सत्र हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।
🎶 भक्ति संध्या का भावपूर्ण आयोजन
कार्यक्रम में आर्य जगत की सुप्रसिद्ध भजनोपदेशिका सुकृति माथुर, आचार्य ओमपाल शास्त्री एवं मास्टर विजेंद्र आर्य जैसे विद्वानों ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किया, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

🏵️ स्वामी विवेकानंद परिव्राजक का सम्मान
समर्पण शोध संस्थान की ओर से स्वामी विवेकानंद परिव्राजक (निर्देशक: दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात) का भव्य स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
ज्ञानवर्धक प्रवचन एवं शंकाओं का समाधान
स्वामी विवेकानंद परिव्राजक जी ने जीवात्मा, परमात्मा एवं प्रकृति के मूल स्वभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 🌿 प्रकृति जड़ पदार्थ है और इसके सत्त्वगुण, रजोगुण एवं तमोगुण के कारण जीवात्मा पर सुख-दुख और मूर्खता का प्रभाव पड़ता है।

📢 उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से प्रश्न किया – “क्या प्रकृति से हमें 100% सुख प्राप्त होता है?” – जवाब मिला ❌ “नहीं!”
तब उन्होंने बताया कि 🌟 “100% सुख केवल ईश्वर में ही है और इसे प्राप्त करने के लिए हमें संसार के दुखों को देख कर वैराग्य प्राप्त करना होगा।”
🍥 उदाहरण से समझाया
जैसे कोई जलेबी देखकर उसे खाने की इच्छा करता है, लेकिन यदि उसमें ज़हर की कुछ बूंदें मिला दी जाएं, तो उसे खाने की इच्छा समाप्त हो जाती है।
इसी प्रकार, जब मनुष्य संसार के दुखों को देखता है, तो उसे वैराग्य प्राप्त होता है और उसका ध्यान ईश्वर की ओर बढ़ता है।
🔮 ध्यान और आत्मिक विकास पर बल
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के प्रदेश अध्यक्ष योगी प्रवीण आर्य ने कहा कि “ध्यानयोग से मनोयोग और एकाग्रता बढ़ती है तथा आत्मिक एवं मानसिक शक्तियों का विकास होता है।”

🙋 युवा ऋतम आर्य के जिज्ञासापूर्ण प्रश्न
एक युवक ऋतम आर्य ने आधुनिक युवाओं की अश्लीलता, व्यभिचार, माता-पिता के प्रति आदर की भावना एवं आज की परिस्थितियों में ईश्वर की भूमिका पर प्रश्न किए।
स्वामी जी ने वैदिक आधार पर स्पष्ट उत्तर देकर युवाओं को सनातन संस्कृति के पालन का संदेश दिया।
👥 विशिष्ट अतिथि एवं श्रद्धालुजन
इस अवसर पर के के यादव, देवेंद्र आर्य (आर्य बंधु), रामपाल चौहान, राजकुमार आर्य, जगदीश सैनी, सत्यवीर सैनी, राहुल आर्य, आशा आर्या, रमेश भटनागर, वेद प्रकाश, देवव्रत कुंडू, विनोद गुप्ता, यज्ञवीर चौहान, प्रताप प्रजापति, बिजेंद्र भड़ाना, सुरेश सैनी, वेदवीर राठी, राकेश राणा, खेमचंद शास्त्री एवं श्रीमती कविता राठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

🎤 सफल मंच संचालन एवं समापन
कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला मंत्री सुरेश आर्य ने किया और उन्होंने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
📿 शांतिपाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
साभार – प्रवीण आर्य
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