आधार प्रभु तेरा हर काल दिशाओं में
तेरे चरणों में तेरी प्रीत की छाँवों में ॥ आधार प्रभु..
जीवन में बहूँ आगे, खुद अपने इरादों से
सच्चाई हो जीवन में, रहूँ दूर मैं पापों से
हर एक कदम रखूँ, सत्कर्मों की राहों में ॥ आया तेरे…
स्वार्थ को तजूँ मन से, परहित में लगे तनमन
बढ़े त्याग की ओर कदम, हों दूर विकारों से
हर पल हो रहम और प्यार, दिल और निगाहों में ॥ आया तेरे…
चरणों का पुजारी हूँ, तेरे दर का भिखारी हूँ
प्रभु तू है महादानी, तुझपर बलिहारी हूँ
हारूँ ना प्रभु बाजी, जीवन के दावों में ॥ आया तेरे…
(विकार) विकृत रूप, प्रलोभन, दोष, अवगुण
(बलिहारी) श्रद्धा भक्ति प्रेम आदि के कारण अपने को न्यौछावर करना










