तूने हमें उत्पन्न किया,पालन कर रहा है तू |
तुझसे ही पाते प्राण हम,दुखियों के कष्ट हरता है तू|
ओ३म् भूर्भुव॒: स्व॒: तत्स॑वि॒तुर्वरे॑ण्यं॒ भर्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि ।
धियो॒ यो न॑: प्रचो॒दया॑त् ।। ३ ।।
यजुर्वेद 36/3
तूने हमें उत्पन्न किया
पालन कर रहा है तू
तुझसे ही पाते प्राण हम
दुखियों के कष्ट हरता है तू
तेरा महान् तेज है
छाया हुआ सभी स्थान
सृष्टि की वस्तु–वस्तु में
तू हो रहा है विद्यमान
तेरा ही धरते ध्यान हम
माँगते तेरी दया
ईश्वर हमारी बुद्धि को
श्रेष्ठ मार्ग पर चला
प्रभु !!!श्रेष्ठ मार्ग पर चला
प्रभु !!!श्रेष्ठ मार्ग पर चला
ओम् कार सबसे प्रथम
मन में कीजिये ध्यान
ओ३म् ही के जाप से
अवश्य मिले भगवान्
ओ३म् नाम भगवान् का
सर्वानन्द निधान
सब नामों में श्रेष्ठ है
करते वेद बखान
अनन्त गुण गण भूषित ओ३म्
शुद्ध ब्रह्म परात्परओ३म्
शबल ब्रह्म सुनामित ओ३म्
कालात्मक परमेश्वर ओ३म्
प्रलायानन्तर सुस्थित ओ३म्
इक्षित सृष्टि विधायक ओ३म्
व्यापक यज्ञ प्रसारक ओ३म्
लोकाखिल गतिदायक ओ३म्
जगन्नियन्ता पालक ओ३म्
जनता दु:ख प्रभञ्जक ओ३म्
भक्त प्रिय सुखदायक ओ३म्
सूर्यादिक द्युति धारक ओ३म्
परम सहायक प्रियवर ओ३म्
नित्यतृप्त सर्वाश्रय ओ३म्
ज्ञान रूप सत्प्रेरक ओ३म्
सकल द्रव्य व्यापक ओ३म्
श्रोत्रादीन्द्रिय शक्तिद ओ३म्
कर्माश्रित फलदायक ओ३म्
अद्भुत तेजोबलयुत ओ३म्
ओ३म् नाम का ध्यान धर,भीतर भर सद्भाव
सर्वरक्षक ओ३म् को,करो बनाकर लाम










