ऋषि सेना भग्यनगर के तत्वधान में हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस
स्वामीजी का जन्म १८५६ सन तलवन जि. जलंधर में हुआ था। उनके पिता सुबेदार लाला नानकचंद जी थे। वे वकील थे। ऋषि दयानंद के उपदेशों को सुनकर सत्यार्थ प्रकाश को आदर्श पुस्तक माना था। सन् १९०२ में गुरुकुल कांग्डी को हरिद्वार में स्थापना की। १९१७ में ऋषि अनुयायी सन्यास लेकर स्वामी श्रद्धानंद कहलाये। हिन्दू, मुस्लिम सद्भावना का मंत्र जामा मस्जिद से फेंका। अमृतसर के अकालतखत से क्रांति की आवाज उठाई, बंदी बनाये गये।
अस्पृश्यता निवारण, दलितोद्धार, शुद्धि संस्कार और आर्य संग्राम को समर्पित हए। सन् १९२६ दिसंबर २३ को मतांध मुस्लिम अब्दुल रशीद ने गोली मारकर हत्या करदी। इस हुतात्मा के उपकारों को चंद शब्दों में गिनाया नहीं जा सकता।
सोमवार दि. २३-१२-२०२४ सायं ४:३० से रात्री ८ बजे तक
यज्ञ ब्रह्मा- डॉ. श्रीमति मैत्रेयी शास्त्री जी
वक्ता – श्री गौतम खट्टर जी
संस्थापक – सनातन महा संघ कांग्डी गुरुकुल स्नातक
विशिष्ठ अतिथि : श्रीमान विटलराव आर्य जी
बेनारस गुरुकुल रनातिका, प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा, आं.प्र. व तेलंगाना श्री हरिकिशन वेदालंकार जी
मंत्रि- आर्य प्रतिनिधि सभा, आं.प्र. व तेलंगाना
सभी आर्य बंधुओं से निवेदन है कि आप सभी अधिक संख्या में उपस्तित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनायें।
कार्यस्थान :
श्रद्धावाद हनुमान जी का मंदिर, सईदाबाद मेइन रोड, हैदराबाद.
विनीत– ऋषिसेना – भाग्यनगर
:8688059388, 9866998462, 9951538881










