वानप्रस्थ साधक आश्रम, रोजड ध्यान एवं अध्यात्म को समर्पित संस्थान ध्यान शिविर
(८ से १५ दिसम्बर २०२४)
अध्यात्म प्रेमी धार्मिकों में ध्यान के प्रति रुचि उत्सुकता उत्साह स्वाभाविक है। ध्यान को जान समझ कर अच्छी तरह करते हुए उसमें प्रगति उन्नति होती ही है। अध्यात्म प्रेमियों की विशेष अभिलाषा को देखते हुए वानप्रस्थ साधक आश्रम, आर्यवन, रोजड़ (गुजरात) में आचार्य सत्यजित् आर्य के मार्गदर्शन व मुख्य प्रशिक्षण में ८ से १५ दिसम्बर २०२४ को ‘ध्यान शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस शिविर की शान्त व पूर्ण मौन आदर्श दिनचर्या प्रातः ४ बजे से रात्रि ६:३० बजे तक में प्रातःसायं १-१ घण्टे ध्यान प्रशिक्षण, प्रातः आसन व्यायाम प्राणायाम, यज्ञ व आध्यात्मिक प्रवचन के अतिरिक्त दिन में ध्यान विधि प्रशिक्षण, अन्तर्यात्रा, ध्यान विषयक शंका समाधान, ध्यान के समय मस्तिष्क की स्थिति व ध्यान के हमारे तन-मन पर पड़ने वाले प्रभावों की आधुनिक वैज्ञानिक रीति से प्रस्तुति, रात्रि में ध्यान विषयक आत्मनिरीक्षण आदि विशेष विषय होंगे। इच्छुक साधकों के ध्यान की स्थिति को आधुनिक यन्त्र से देखकर अवगत भी कराया जायेगा।
यदि आप अपने जीवन में ध्यान की महत्वपूर्ण भूमिका देखते हों. ध्यान को जीवन का भाग बनाना चाहते हों, ध्यान में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान चाहते हों, अपने जीवन को ध्यान द्वारा आन्तरिक रूप से शान्त-संतुष्ट निर्भय-निश्चित करना चाहते हों तो यह शिविर आपके लिए मील का पत्थर साबित होगा।
- ध्यान क्या है?
- ध्यान क्यों करें ?
- ध्यान कैसे करें ?
इनके क्रियात्मक व वास्तविक स्वरूप के परिज्ञान के लिए एक अनुपम अवसर।
नियम :-
१. मंत्रपाठ, श्लोकगायन व कक्षाओं को छोड़ करके शिविराथियों को दिनभर मौन का पालन करना होगा।
२. पूर्ण अनुशासन में चलने वाला तथा तपस्वी हो।
३. शिविरार्थी अपने साथ नित्योपयोगी वस्तुए औषधि, करदीपक (टॉर्च), पेन, नोटबुक आदि लावें। शिविर में प्रयोग हेतु सादे वत्र (सफेद अथवा पीले) लायें। छोटे बच्चे, कीमती सामान, रेडियो, खाद्य सामग्री आदि अपने साथ न लावें। यदि कोई कीमती सामान, खाद्य सामग्री आदि साथ में हो तो शिबिर से पूर्व कार्यालय में जमा कर देवें।
४. शिविरार्थियों को शिविर काल में चलभाष (मोबाईल) करने की अनुमति नहीं रहती है, चलभाष कार्यालय में जमा करवाना होता है। किसी को बहुत आवश्यक होगा तो स्वीकृति लेकर कार्यालय से फोन कर सकेंगे।
५. रोगी, अशक्त, वृध्द धूम्रपान आदि व्यसनों वाले व्यक्ति कृपया शिविर में भाग लेने के लिए आवेदन न करें।
६. दूर से आने वाले शिविरार्थी अपना वापसी का रेलवे आरक्षण पूर्व ही करा लेवे।
७. आवास व्यवस्था की कमी आदि अनेक कारणों से शिविरार्थी सीमित संख्या में लिए जाते है तथा प्रथम आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। पुरुष और महिलाओं की पृथक् एवं सामूहिक आवास व्यवस्था रहती है।
८. शिविर शुल्क प्रति व्यक्ति २५००/- रुपय है, जिसे आवेदन के साथ पहले ही जमा करना होता है। स्थानाभाव, अयोग्यता अथवा अन्य किसी कारण स प्रवेश न देने की स्थिति में शिविर शुल्क लौटा दिया जाता है। स्वीकृति प्राप्त शिविरार्थियों के न आने पर शुल्क लौटाया नहीं जाता है।
- जो शिविरार्थी आर्थिक कठिनाई के कारण शुल्क देने में असमर्थ होंगे उनके आवेदन करने पर योग्य जानकर शुल्क में आंशिक या पूर्ण छूट दी जा सकती है।
१० पंजीकरण १ दिसम्बर २०२४ तक करवा लेवें। पंजीकरण की स्वीकृति होने पर आपको भेजा जाने वाला शिविर प्रवश पत्रक साथ में अवश्य लायें। विलम्ब से पंजीकरण कराने वालों को ३०००रु. शिविर शुल्क देना होगा।
११. बिना स्वीकृति के शिविर में आ जाने वालों को स्थान होने पर ही स्वीकृति दी जाती है साथ ही उन्हें शिविर शुल्क २५०००० के स्थान पर ३५००रु० देना होता है।
१२. शिविरार्थी दिसम्बर को प्रातः ६ बजे से सायंकाल ४ बजे के बीच शिविर स्थल पर पहुँच जावें। कृपया इससे पूर्व व पश्चात् न पहुँचे, ऐसा करने से व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होती है। शिविर में अन्तिम दिन २ बजे तक उपस्थित रहना होता है।
१३. शिविरकाल में शिविर स्थल से बाहर जाकर जिन्हें आर्यवन को देखना हो या अन्यों से मिलना, चर्चा, परामर्श आदि करने हों वे प्रथम दिन दिसम्बर को सायं ४ बजे से पहले-पहले या अंतिम दिन १ बजे के बाद कर सकते हैं। यदि आपको अपने घर पर अथवा परिजनों को रोजड़ पहुँचने की सूचना देनी हो तो कृपया पंजीकरण से पहले ही दे देवें।
-: ध्यान शिविर की दिनचर्या :-
दिनांक : ८ से १५ दिसम्बर २०२४
प्रातः
०४:०० बजे – जागरण, मन्त्रपाठ ब्रह्मचारी
०४:१० से ०५:०० – शौच, दातुन, स्नान
०५:०० से ६:००- ध्यान- स्वामी विष्वङ् जी
०६:१० से ०६:५०- व्यायाम-आसन
०७:०० से ०८:००- यज्ञ, आध्यात्मिक-प्रवचन
०८:१० से ०६:१५ – प्रातराश, विश्राम
०६:३० से १०:३० – अन्तर्यात्रा -मुनि सत्यजित् जी
१०:४५ से ११:४५ – ध्यान-सैद्धान्तिक स्वामी विष्वङ् जी
दोपहर
१२:०० से ०२:०० – भोजन, विश्राम, स्वाध्याय
०२:०० से ०३:०० – ध्यान-जिज्ञासा समाधान मुनि सत्यजित् जी
०३:१५ से ०४:१५ – आत्म विश्रान्ति मुनि ऋतमा जी
०४:१५ से ०५:३० – व्यक्तिगतदिनचर्या
सायं
०५:३० से ०६:३० – ध्यान मुनि सत्यजित् जी
०६:४० से ०७:३०- भोजन, विश्राम
रात्रि
०७:४५ से ०८:०० – सामूहिक भ्रमण आचार्य नवानन्द जी
०८:०० से ०८:२० – उपस्थिति व सूचना-आचार्य नवानन्द जी
०८:२० से ०६:०० – आत्मनिरीक्षण
०६:१० से ०६:२० – दुग्धपान
०६:३० से ०४:०० – शयन
सूचना :- कार्यक्रम में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन किया जा सकता है। मौन-रात्रि ६:३० से प्रातः ८ तक, मध्याहून-१२:३० से १:३० तक
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